तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी1
बिलासपुर जिले में इन दिनों लगातार हो रही बिजली की आंख-मिचौली ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद तोखन साहू के संसदीय क्षेत्र के मुख्यालय में ही विद्युत व्यवस्था की बदहाली लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बार-बार बिजली गुल होने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।भीषण गर्मी के बीच अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण लोगों को दिन और रात दोनों समय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है, छोटे व्यवसायों का कामकाज बाधित हो रहा है और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में बिना पूर्व सूचना के घंटों बिजली बंद रहने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समस्या की जानकारी विद्युत विभाग के अधिकारियों को बार-बार दी जा रही है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल दिखाई नहीं दे रही है। शिकायतों के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभागीय अमला केवल औपचारिकता निभा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विद्युत वितरण तंत्र के रखरखाव, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और लाइन सुधार कार्यों पर समय रहते ध्यान दिया जाए तो ऐसी समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन योजनाओं और दावों के बावजूद यदि मुख्यालय क्षेत्र में ही स्थिति संतोषजनक नहीं है, तो दूरस्थ क्षेत्रों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि जब जिले के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं रह पा रही है, तब विद्युत विभाग की जवाबदेही आखिर किस स्तर पर तय होगी। लोगों की अपेक्षा है कि जिला प्रशासन और विद्युत विभाग इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता में लेते हुए त्वरित एवं प्रभावी कदम उठाएं, ताकि बिलासपुरवासियों को बार-बार होने वाली बिजली कटौती और अव्यवस्था से राहत मिल सके। वर्तमान परिस्थितियों में यह केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि जनता की सुविधा, विश्वास और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है।