विकास नंद/सर्वव्यापी
जिले में लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भीषण गर्मी के चलते हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से सतर्क रहने तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा है कि वर्तमान मौसम परिस्थितियों में विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने तथा शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने की सलाह दी है। कलेक्टर ने कहा कि गर्मी के इस दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।कलेक्टर लंगेह ने औद्योगिक क्षेत्र के व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से भी मानवीय सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंड, बाजारों और प्रमुख चौक-चौराहों पर पेयजल, शीतल जल, छांव और विश्राम की व्यवस्था कर आमजन को राहत पहुंचाने में सहभागिता निभाई जाए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहयोग से ही गर्मी के इस संकट में लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
इधर स्वास्थ्य विभाग ने भी हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए व्यापक तैयारियां में हैं। जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, ORS, बेड तथा प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार तेज धूप में लंबे समय तक रहने, अत्यधिक शारीरिक श्रम करने और शरीर में पानी की कमी होने से हीट स्ट्रोक की आशंका बढ़ जाती है।प्रशासन ने नागरिकों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, नींबू पानी, छाछ और ORS जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने तथा हल्के एवं सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। खेतों, निर्माण स्थलों और खुले स्थानों पर कार्य करने वाले श्रमिकों को नियमित अंतराल में विश्राम करने और पर्याप्त पानी पीने की हिदायत दी गई है।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति में चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। प्रशासन ने कहा कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर उपचार ही हीट स्ट्रोक से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।