तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर जिला प्रशासन में इन दिनों राजस्व विभाग के दो अधिकारियों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों के अनुसार, जिला मुख्यालय के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनीष साहू की कार्यप्रणाली को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने नाराजगी जताई है। बताया जा रहा है कि कुछ प्रशासनिक मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और कार्यों के निष्पादन में सामने आई कमियों के कारण कलेक्टर को एसडीएम को पत्र लिखकर निर्देश जारी करने पड़े, जिसके बाद प्रशासनिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।जानकारों का कहना है कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता वाले कई मामलों में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखने से उच्च अधिकारियों के बीच असंतोष की स्थिति बनी हुई है। कलेक्टर द्वारा सीधे पत्राचार किए जाने को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।इधर, बिलासपुर तहसील में पदस्थ अतिरिक्त तहसीलदार प्रकृति ध्रुव भी शिकायतों के कारण सुर्खियों में हैं। सूत्रों के मुताबिक उनके कार्यकाल से संबंधित कुछ मामलों की शिकायत मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंची है। शिकायतों में राजस्व प्रकरणों के निपटारे, प्रशासनिक व्यवहार तथा अन्य कार्यों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। बताया जा रहा है कि शिकायतों की प्रारंभिक समीक्षा के बाद संबंधित मामलों की जानकारी मंगाई गई है।राजस्व विभाग से जुड़े सूत्रों का दावा है कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कुछ अधिकारियों के स्थानांतरण अथवा जिम्मेदारियों में बदलाव पर विचार किया जा सकता है। इसी कारण एसडीएम मनीष साहू और अतिरिक्त तहसीलदार प्रकृति ध्रुव को लेकर हटाए जाने अथवा अन्यत्र पदस्थ किए जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।हालांकि अभी तक न तो जिला प्रशासन और न ही राज्य शासन की ओर से किसी प्रकार का आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। ऐसे में दोनों अधिकारियों के संबंध में चल रही चर्चाओं की पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यदि शिकायतों और कार्यप्रणाली संबंधी मुद्दों को गंभीर पाया जाता है, तो आने वाले दिनों में राजस्व अमले में बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिल सकता है।फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासनिक हलकों की नजर टिकी हुई है और सभी की निगाहें शासन तथा जिला प्रशासन के अगले कदम पर हैं।