के एस ठाकुर, कार्यकारी संपादक सर्वव्यापी
प्रदेश में पत्रकार संगठनों की सक्रियता के बीच ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड मीडिया संघ, छत्तीसगढ़ ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए तीन वरिष्ठ पदाधिकारियों को निष्कासित कर दिया है। संगठन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश सचिव फिरोज खान, विशेष सलाहकार यासीन खान तथा भाटापारा निवासी संरक्षक सत्यनारायण पटेल को संगठन विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया गया है।यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब संगठन आगामी जून माह में प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह की तैयारियों में जुटा हुआ है। निष्कासन के निर्णय ने पत्रकार संगठन के भीतर चल रही गतिविधियों, मतभेदों और संगठनात्मक पारदर्शिता को लेकर कई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।प्रदेश अध्यक्ष हरीश चौबे के अनुसार संबंधित पदाधिकारियों द्वारा लगातार संगठन के नियमों की अनदेखी की जा रही थी तथा उनकी गतिविधियों से संगठन की छवि प्रभावित हो रही थी। इसी विषय पर बिलासपुर स्थित कालिंद्री कुंज कार्यालय में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निष्कासन का निर्णय लिया गया।संगठन विस्तार के साथ नई जिम्मेदारियां भी सौंपी गईंसंगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ संगठनात्मक विस्तार की घोषणा भी की है। मोहम्मद जावेद खान को प्रदेश सचिव तथा चंद्रकुमार निणेजक को संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन का दावा है कि इससे संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और प्रदेशभर में पत्रकार हितों से जुड़े कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी।ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड मीडिया संघ के प्रदेश महासचिव तरुण कौशिक ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके अनुशासन, पारदर्शिता और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया पर निर्भर करती है। यदि कोई निर्णय लिया गया है तो वह संगठन की कार्यकारिणी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वस्थ संवाद और संगठनात्मक एकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। भविष्य में संगठन का प्रयास रहेगा कि पत्रकार हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी सदस्यों के बीच विश्वास और समन्वय का वातावरण बना रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित पत्रकार सम्मान समारोह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।वहीं, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि संगठन को कमजोर करने के प्रयास पहले भी सामने आए हैं, इसलिए अनुशासन के मामलों में कठोर निर्णय आवश्यक हो जाते हैं। वहीं प्रदेश कोषाध्यक्ष और कार्यालय प्रभारी रामनारायण यादव ने इस कार्रवाई को संगठन में गुटबाजी समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।