तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ के वन विभाग में शीर्ष पद को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव के संभावित सेवा विस्तार और उनके उत्तराधिकारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पोस्ट में दावा किया गया है कि सरकार द्वारा सेवा विस्तार नहीं दिए जाने की स्थिति में वरिष्ठ अधिकारियों के बीच नेतृत्व परिवर्तन की संभावना प्रबल हो सकती है।वायरल पोस्ट के अनुसार, यदि वी. श्रीनिवास राव को सेवा विस्तार नहीं मिलता है तो वरिष्ठता और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर कौशलेन्द्र कुमार तथा अरुण कुमार पाण्डेय प्रमुख दावेदारों के रूप में सामने आ सकते हैं। पोस्ट में कौशलेन्द्र कुमार को वर्ष 1992 बैच का अनुभवी एवं सक्षम अधिकारी बताया गया है, जबकि अरुण कुमार पाण्डेय वर्ष 1994 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने वन्यजीव प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।सोशल मीडिया में चल रही चर्चाओं में हाल के दिनों में प्रदेश में वन्यजीवों की मौत और वन संरक्षण से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया जा रहा है। कुछ लोग इसे विभागीय नेतृत्व के प्रदर्शन से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे केवल प्रशासनिक परिवर्तन से जुड़ी सामान्य अटकलें बता रहे हैं।हालांकि राज्य शासन की ओर से अभी तक प्रधान मुख्य वन संरक्षक के सेवा विस्तार अथवा नए वन प्रमुख की नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि शीर्ष पदों पर नियुक्ति और सेवा विस्तार का निर्णय शासन स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिया जाता है।वन विभाग और प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा जरूर है कि आगामी दिनों में लिए जाने वाले निर्णय का प्रभाव विभाग की कार्यप्रणाली, वन संरक्षण योजनाओं और वन्यजीव प्रबंधन पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें राज्य शासन के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।