विकास नंद/ सर्वव्यापी

सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पुजारीपाली में सरायपाली विकासखंड का छठवां एवं अंतिम जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों से कुल 554 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें और मांगें शामिल रहीं। अधिकारियों ने सभी आवेदनों के त्वरित निराकरण का भरोसा दिलाया।शिविर में राज्य महिला आयोग सदस्य सरला कोसरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, जिला पंचायत सदस्य कुमारी भास्कर, जनपद अध्यक्ष लक्ष्मी पटेल, उपाध्यक्ष मुकेश पटेल, जनपद सदस्य दीनता कुम्हार, उद्धव नंद, राजेश मेहर, रेशम पटेल, उषा पटेल सहित भाजपा पदाधिकारी, सरपंच, एसडीएम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।इस अवसर पर सरला कोसरिया ने भीषण गर्मी को देखते हुए बिजली एवं पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली विभाग को 24 घंटे के भीतर खराब ट्रांसफार्मरों की मरम्मत करने तथा अतिरिक्त ट्रांसफार्मर रिजर्व में रखने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।केंदुवाँ भाजपा मंडल अध्यक्ष दण्डधर साव द्वारा प्राप्त शिकायत पर बाराडोली के डिपापारा में अत्यधिक लोड के कारण 25 केवी ट्रांसफार्मर के स्थान पर 63 केवी ट्रांसफार्मर शीघ्र लगाने के निर्देश विद्युत विभाग को दिए गए। साथ ही एसडीएम को इसकी सतत निगरानी करने कहा गया।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत एवं आवश्यकता अनुसार नए बोर खनन कर पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। नल-जल योजना के अंतर्गत निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा घटिया निर्माण और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले ठेकेदारों पर अनुबंध निरस्तीकरण एवं कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।वन विभाग को बारिश पूर्व व्यापक वृक्षारोपण की तैयारी करने, पहाड़ी क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कर वहां पौधरोपण एवं संरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सभी 107 पंचायत भवनों में शासन की योजनाओं से संबंधित पाम्पलेट एवं ब्रोशर चस्पा कराने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी आसानी से मिल सके।शिक्षा विभाग को विद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था एवं शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, जबकि आदिम जाति कल्याण विभाग को आश्रम-छात्रावासों में सीट के अनुरूप प्रवेश सुनिश्चित करने कहा गया।राजस्व विभाग को निर्देशित किया गया कि स्कूल खुलते ही विद्यार्थियों को आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सरल एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाई जाए।शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भ संस्कार, अन्नप्राशन संस्कार सहित विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को किट वितरण भी किया गया।कार्यक्रम के दौरान सभी विभागों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक सुधार एवं जनहित से जुड़े दिशा-निर्देश दिए गए। सुशासन तिहार अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।इस दौरान कहा गया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं भीषण गर्मी में भी सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर जमीनी स्तर पर समस्याओं का जायजा ले रहे हैं। उनकी मंशा है कि प्रदेश का अंतिम व्यक्ति भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर खुशहाली के साथ जीवन यापन कर सके।शिविर में मल्दामाल गांव से एक संवेदनशील मामला भी सामने आया, जिसमें एक महिला के पति का तीन वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। उसके तीन बच्चे हैं, जिनमें से एक बच्चा न देख सकता है और न सुन सकता है। आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर यह परिवार तेंदूपत्ता कार्डधारी होने के बावजूद पंचायत सचिव, स्थानीय वन प्रबंधन समिति एवं वन विभाग की लापरवाही के कारण तीन वर्षों से सहायता राशि से वंचित था।महिला आयोग सदस्य सरला कोसरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अनुविभागीय अधिकारी हरिशंकर पैकरा को प्रकरण सौंपकर पीड़ित परिवार को शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।