तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
गांधी फेलोशिप एक फेलोशिप कार्यक्रम है जो पीरामल फाउंडेशन द्वारा 2008 में शुरू किया गया था, जिसमें हर वर्ष स्नातक उत्तीर्ण छात्रों का चयन परीक्षा एवं एक दिवसीय साक्षात्कार द्वारा किया जाता है। गांधी फेलोशिप के 19 वे बैच में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र के हर्ष गुप्ता (इतिहास विभाग), युगांक जायसवाल और विनय जायसवाल (बी.सी.ए.) का चयन हुआ है । बता दें कि ये विद्यार्थी हिन्दी विश्वविद्यालय के होनहार विद्यार्थियों में से है। हर्ष विश्वविद्यालय में संचालित एन.सी.सी . के एस.यू.ओ. रैंक के कैडेट रह चुके है। ये विद्यार्थी इस फेलोशिप के दौरान 23 महीने तक काम करेंगे जिसमें उन्हें मासिक 24500 रुपये स्टाइपैंड पीरामल फाउंडेशन द्वारा दिया जाएगा। फेलोशिप में चयन होने पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा, अधिष्ठाता प्रोफेसर फरहद मलिक, इतिहास विभाग के डॉ. राकेश कुमार मिश्र, डॉ. परिमल प्रियदर्शी, डॉ. बालाजी चिरडे तथा भाषा प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी विभाग की डॉ. हर्षलता पेटकर ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से विश्वविद्यालय सहित पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है। गांधी फेलोशिप एक राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित कार्यक्रम है, जिसमें चयनित युवाओं को शिक्षा, सामाजिक विकास एवं नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का अवसर प्रदान किया जाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से चयनित प्रतिभागी देश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्य करते हैं। अपनी इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत एवं सकारात्मक सोच को दिया है। उन्होंने बताया कि गांधी फेलोशिप के माध्यम से उन्हें समाज के लिए कार्य करने और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर मिलेगा।