मोबाइल पर बजी खतरे की घंटी, तकनीक ने समय रहते दी चेतावनी…महासमुंद सहित कई जिलों में ‘एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट’, आपदा प्रबंधन की डिजिटल पहल बनेगी सुरक्षा कवच।

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विकास नंद/सर्वव्यापी/सरायपाली/महासमुंद

शनिवार रात महासमुंद सहित आसपास के जिलों के हजारों मोबाइल उपभोक्ताओं के फोन पर अचानक तेज अलार्म की आवाज के साथ एक विशेष चेतावनी संदेश प्रदर्शित हुआ। इस संदेश में आगामी तीन घंटों के भीतर बिजली गिरने, तेज आंधी, तूफान और भारी वर्षा की संभावना जताई गई थी। मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देने वाले इस “Extremely Severe Alert” ने लोगों का ध्यान तुरंत आकर्षित किया और संभावित प्राकृतिक आपदा के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया।प्राप्त अलर्ट के अनुसार जांजगीर-चांपा, महासमुंद, रायगढ़, शक्ति, सारंगढ़ और बिलाईगढ़ जिलों के अधिकांश क्षेत्रों में अगले तीन घंटों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और वर्षा होने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई। यह संदेश राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्रणाली और दूरसंचार तकनीक के समन्वय से सीधे मोबाइल उपभोक्ताओं तक पहुंचाया गया।तकनीकी क्षेत्र में बढ़ता भारत का कदमविशेषज्ञों के अनुसार यह अलर्ट प्रणाली देश में विकसित हो रही आधुनिक आपदा चेतावनी तकनीक का हिस्सा है। पहले मौसम संबंधी चेतावनियां केवल टीवी, रेडियो या समाचार माध्यमों तक सीमित रहती थीं, लेकिन अब मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से सीधे आम नागरिकों तक कुछ ही सेकंड में सूचना पहुंचाई जा रही है। इससे लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचने और आवश्यक सावधानियां बरतने का अवसर मिल रहा है।यह तकनीक विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है, जहां मौसम की अचानक बदलती परिस्थितियां जनजीवन और कृषि गतिविधियों को प्रभावित करती हैं। मोबाइल अलर्ट के जरिए किसानों, व्यापारियों, यात्रियों और आम नागरिकों को संभावित खतरे की अग्रिम जानकारी मिल रही है।सुरक्षा के लिए प्रशासन की अपीलमौसम संबंधी चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश, आंधी या बिजली कड़कने की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े न हों। आवश्यकता न होने पर घरों से बाहर निकलने से बचें तथा मोबाइल पर प्राप्त सरकारी चेतावनियों को गंभीरता से लें।डिजिटल इंडिया का प्रभावी उदाहरणमोबाइल पर प्राप्त यह चेतावनी संदेश डिजिटल इंडिया और आधुनिक संचार व्यवस्था की बढ़ती क्षमता का प्रत्यक्ष उदाहरण माना जा रहा है। आपदा के समय त्वरित सूचना उपलब्ध कराने वाली यह तकनीक भविष्य में जनहानि और दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। नागरिकों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जनसुरक्षा की दिशा में एक प्रभावी और सराहनीय कदम बताया है।


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