मोर गांव मोर पानी 2.0” बना जनआंदोलन: सीईओ राजेश साहू के नवाचार से सरायपाली में जल संरक्षण को नई दिशा”।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी

जल संकट की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए सरायपाली विकासखंड में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को लेकर एक व्यापक जनअभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत सरायपाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश साहू द्वारा संचालित “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है।अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी के माध्यम से विशेष प्रकार की लघु जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। खेतों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में सोकपिट, सोखता गड्ढे एवं जल पुनर्भरण संरचनाएं तैयार की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य वर्षा जल को अधिक समय तक संरक्षित रखना, भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना तथा भविष्य में उत्पन्न होने वाले जल संकट को कम करना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा और जनसहयोग से चल रहे इन कार्यों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिल रही है। महिलाएं और पुरुष मिलकर जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में जुटे हैं, जिससे अभियान को सामाजिक आंदोलन का स्वरूप मिल रहा है।

सीईओ राजेश साहू ने बताया कि सरायपाली विकासखंड की लगभग सभी ग्राम पंचायतों को जल संरक्षण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने किसानों से भी अपने खेतों में स्वेच्छा से सोकपिट टैंक एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाएं बनाने की अपील की है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम उपयोग हो सके और भू-जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिले।उन्होंने कहा कि, “जल संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह जनसहभागिता से जुड़ा एक जनआंदोलन है। यदि प्रत्येक नागरिक इसमें अपनी भूमिका निभाए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।”अभियान की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए सीईओ राजेश साहू लगातार गांवों का दौरा कर रहे हैं। वे निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रहे हैं।

गौरतलब है कि सरायपाली क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से भू-जल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। गर्मी के मौसम में कई गांवों में जल संकट की स्थिति उत्पन्न होने लगी है। ऐसे समय में जनपद पंचायत सरायपाली द्वारा शुरू किया गया “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्रामीण स्तर पर इस प्रकार की जल संरक्षण संरचनाओं का व्यापक निर्माण जारी रहता है और आमजन की सहभागिता बनी रहती है, तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र के भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।

सरायपाली जनपद पंचायत के युवा मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश साहू का यह नवाचार न केवल जल संरक्षण को नई दिशा दे रहा है, बल्कि ग्रामीणों को जल के महत्व के प्रति जागरूक कर भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का मजबूत आधार भी तैयार कर रहा है।


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