तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर जिले के तखतपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत ढनढन निवासी वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं जिला कुर्मी समाज के अध्यक्ष श्याम मूरत कौशिक ने अपने 54वें जन्मदिन को सेवा, संवेदनशीलता और मानवता के नाम समर्पित कर एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने जन्मदिन के अवसर पर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) अस्पताल पहुंचकर विधिवत आवेदन पत्र भरते हुए मृत्यु उपरांत अपना शरीर चिकित्सा शिक्षा एवं शोध कार्य के लिए दान करने की घोषणा की।श्याम मूरत कौशिक ने कहा कि मनुष्य का शरीर मृत्यु के बाद भी समाज और मानव कल्याण के कार्य आ सकता है। चिकित्सा के क्षेत्र में अध्ययनरत विद्यार्थियों तथा शोध कार्यों के लिए देहदान एक महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने लोगों से भी इस पुनीत कार्य के प्रति जागरूक होने और समाज हित में आगे आने की अपील की।देहदान की घोषणा के बाद उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार भी हैं। जन्मदिन जैसे अवसरों पर पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई जा सकती है।इसके पश्चात श्याम मूरत कौशिक अनाथ आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। बच्चों को मिठाई एवं आवश्यक सामग्री वितरित कर उनके बीच समय बिताया। इस अवसर पर बच्चों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग के बीच खुशियां बांटना ही वास्तविक जन्मदिन का उत्सव है।श्याम मूरत कौशिक के इस अनुकरणीय कार्य की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। सामाजिक, शैक्षणिक एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने उनके इस निर्णय को मानवता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए शुभकामनाएं दी हैं।एक ही दिन में देहदान का संकल्प, पौधारोपण और अनाथ बच्चों के बीच जन्मदिन मनाकर श्याम मूरत कौशिक ने यह संदेश दिया कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि समाज और मानवता के लिए जीना है।