प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडेय से मिले छत्तीसगढ़िया एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष , सर्वव्यापी संपादक तरुण कौशिक, विभागीय समस्याओं और प्रशासनिक पारदर्शिता पर हुई चर्चा।

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भागवत प्रसाद ,ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) अरुण पांडेय से छत्तीसगढिया एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष, सर्वव्यापी समाचार पत्र के संपादक एवं ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड मीडिया संघ के प्रदेश महासचिव तरुण कौशिक ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान वन विभाग से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक, कर्मचारी हितों तथा विभागीय कार्यप्रणाली से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।मुलाकात के दौरान कौशिक ने विभागीय कर्मचारियों से प्राप्त विभिन्न समस्याओं, लंबित मामलों तथा प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता की आवश्यकता का विषय प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि शासन की नीतियों का समान रूप से पालन होना चाहिए और नियमों के अनुपालन में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भी यही अपेक्षा रहती है कि शासन द्वारा बनाए गए नियम सभी पर समान रूप से लागू हों।चर्चा के दौरान हाल के दिनों में प्रशासनिक निर्णयों और संलग्नीकरण जैसे विषयों को लेकर उठ रही चर्चाओं का भी उल्लेख किया गया। कौशिक ने कहा कि शासन द्वारा यदि किसी व्यवस्था पर प्रतिबंध लगाया गया है तो उसके अनुपालन में भी पूर्ण पारदर्शिता दिखाई देनी चाहिए, जिससे कर्मचारियों और आम नागरिकों के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हो सके।प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडेय ने भी विभागीय कार्यों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विभागीय व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की बात कही।मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें विभागीय व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान तथा प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में प्रशासनिक निर्णयों, स्थानांतरण और संलग्नीकरण जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा चल रही है। ऐसे समय में विभिन्न जनसरोकारों और कर्मचारी हितों के मुद्दों को लेकर हुई यह चर्चा विशेष महत्व रखती है।


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