के.एस. ठाकुर, कार्यकारी संपादक सर्वव्यापी

मुंगेली जिले के अंतर्गत तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी न्यायालय पथरिया में आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। न्यायालय में विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई और पेशी के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोग पहुंचते हैं, लेकिन यहां उनके लिए आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।जानकारी के अनुसार न्यायालय परिसर में आने वाले नागरिकों के लिए पर्याप्त पंखों की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण भीषण गर्मी में लोगों को घंटों तक गर्म वातावरण में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। कई बार न्यायालय की कार्यवाही लंबी चलने के कारण लोगों को पूरा दिन परिसर में ही बिताना पड़ता है, लेकिन उन्हें गर्मी से राहत दिलाने के लिए कोई विशेष व्यवस्था नजर नहीं आती।सबसे गंभीर समस्या पेयजल और शौचालय की बताई जा रही है। दूर-दराज के गांवों से आने वाले नागरिकों को पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वहीं महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को शौचालय एवं यूरिनल की उचित सुविधा नहीं मिलने से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई लोगों ने बताया कि गर्मी और पानी की कमी के कारण उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।न्यायालय परिसर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में लोग भवन के बाहर खुले आसमान के नीचे खड़े रहने को मजबूर हैं। दोपहर की तेज धूप में लोग किसी पेड़ या छाया वाले स्थान की तलाश करते दिखाई देते हैं। कई बार बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार व्यक्ति घंटों तक धूप में खड़े रहते हैं, जिससे उनकी तबीयत खराब होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ नागरिक गर्मी और उमस के कारण चक्कर आने तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से भी प्रभावित हुए हैं।नागरिकों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार तहसीलदार कार्यालय को मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थान में मूलभूत सुविधाओं का अभाव प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है।क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी न्यायालय परिसर में तत्काल पेयजल, अतिरिक्त पंखे, शेड, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था तथा स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि शासन-प्रशासन आम जनता को सुगम और सम्मानजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की बात करता है, ऐसे में न्यायालय परिसर में लोगों को इस प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ना चिंताजनक है।स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पथरिया तहसीलदार न्यायालय परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं, ताकि न्याय की उम्मीद लेकर आने वाले लोगों को कम से कम मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।जनता का सवाल यह है कि जब न्यायालय में न्याय पाने के लिए आने वाले लोगों को पीने का पानी, बैठने की जगह और धूप से बचने की सुविधा तक नहीं मिल रही है, तो आखिर प्रशासन आम नागरिकों की सुविधाओं को लेकर कितना गंभीर है?”