विकास नंद/ सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नवीन निर्देशों के तहत प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में नए शिक्षा सत्र 2026-27 से प्रार्थना सभा एवं अन्य अवसरों पर राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, वंदेमातरम्, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र, महापुरुषों की जीवनी का वाचन, भोजन मंत्र, गायत्री मंत्र तथा शांति मंत्र के नियमित आयोजन के निर्णय का व्यापक स्वागत हो रहा है।
राज्य महिला आयोग की सदस्य एवं गायत्री परिवार की प्रदेश संयोजक सरला कोसरिया ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा स्कूल शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा भारतीय संस्कृति और परंपराओं से उन्हें जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरला कोसरिया ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा ग्रहण करने का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की पाठशाला भी हैं। राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना और गायत्री मंत्र जैसे प्रेरणादायी कार्यक्रम विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच का विकास करेंगे। साथ ही महापुरुषों की जीवनी का नियमित वाचन बच्चों को आदर्श जीवन मूल्यों की प्रेरणा देगा।उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होगा। गायत्री परिवार की ओर से भी इस पहल का स्वागत करते हुए उन्होंने शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया।