तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण अचानक नइ होइस। ए राज्य हजारों छत्तीसगढ़िया मन के संघर्ष, बलिदान, आंदोलन अउ सपना के परिणाम आय। ए सपना ल सबसे पहिली मजबूती ले देखइया महान विभूति मन म डॉ. खूबचंद बघेल जी के नाव बड़े सम्मान ले लिये जाथे। डॉ. खूबचंद बघेल छत्तीसगढ़ के माटी, भाखा, संस्कृति, किसान अउ अस्मिता के सच्चा सिपाही रहिन।भारत देश आजाद होवय बर जब आंदोलन चलत रहिस, त डॉ. खूबचंद बघेल अपन पढ़ई तक ल अधूरा छोड़ के देश सेवा के रद्दा चुनिन। आजादी के संग-संग ओमन छत्तीसगढ़ के अलग पहचान, विकास अउ स्वाभिमान के सपना देखिन। वो मानत रहिन कि छत्तीसगढ़ के संसाधन के लाभ छत्तीसगढ़ के जनता ल मिलना चाही, अउ ए क्षेत्र के विकास इही के जरूरत अनुसार होना चाही।डॉ. खूबचंद बघेल के सोच सिरिफ अलग राज्य तक सीमित नइ रहिस। वो छत्तीसगढ़ी भाखा, लोक संस्कृति, किसान, मजदूर अउ गांव के विकास के पक्षधर रहिन। आज जऊन छत्तीसगढ़ राज्य हमन देखत हन, ओकर नींव रखइया मन म डॉ. खूबचंद बघेल के योगदान अविस्मरणीय माने जाथे।समय बीतत गिस, फेर नई पीढ़ी के बहुत लोगन मन डॉ. खूबचंद बघेल जी के योगदान ले अनजान होवत गिन। राज्य निर्माण के इतिहास के चर्चा म कतको बखत ओमन के भूमिका ऊपर पर्याप्त ध्यान नइ देय गिस। अइसने बखत म अमित बघेल आघू आके अपन परिवारिक इतिहास अउ डॉ. खूबचंद बघेल जी के विचार मन ल समाज के बीच रखिन।अमित बघेल सार्वजनिक रूप ले ए बात कहिन कि वो वही परिवार ले आवत हवंय, जिहां डॉ. खूबचंद बघेल जी जन्मे रहिन। ओमन ए घलो कहिन कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के सपना अउ संघर्ष म डॉ. खूबचंद बघेल जी के बड़ योगदान रहिस, जेला नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी हे। ए बात ले राज्य निर्माण के इतिहास ऊपर फेर चर्चा शुरू होइस अउ बहुत लोग डॉ. खूबचंद बघेल जी के योगदान ल जाने-समझे के परयास करिन।इतिहास के सही जानकारी समाज बर बहुत जरूरी होथे। जऊन महापुरुष मन अपन जिनगी समाज अउ प्रदेश बर समर्पित कर दिन, ओमन के योगदान ल याद रखना अउ नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सबो के जिम्मेदारी आय। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के इतिहास ल पूरा संदर्भ म पढ़े अउ समझे के जरूरत हे, ताकि कोनो घलो योगदान भुलाय नइ जाय।डॉ. खूबचंद बघेल जी के संघर्ष, विचार अउ सपना आज घलो छत्तीसगढ़ बर प्रेरणा के स्रोत हवंय। छत्तीसगढ़ के विकास, अस्मिता, भाखा अउ संस्कृति के संरक्षण बर ओमन जऊन सोच रखिन, ओला आगे बढ़ाय के जिम्मेदारी आज के पीढ़ी ऊपर हे।छत्तीसगढ़ के इतिहास के सम्मान तभे होही जब राज्य निर्माण म योगदान देइया सबो महापुरुष मन ल समान आदर मिलही। डॉ. खूबचंद बघेल जी के नाम, काम अउ विचार ल जन-जन तक पहुंचाना सिरिफ एक मनखे के जिम्मेदारी नइ, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ समाज के नैतिक दायित्व आय। जेन समाज अपन इतिहास अउ बलिदान ल याद रखथे, वही समाज अपन भविष्य ल मजबूत बना सकथे।यह लेख अनिल कुमार पालीतारबाहर, बिलासपुर द्वारा प्रेषित की गई है।


