बिलासपुर/तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की तत्कालीन कांग्रेस सरकार में जिस तरह से गुटबाजी देखने को मिली थी,उसे कभी भूला नहीं जा सकता है । कांग्रेस सरकार में लंबे समय तक ढ़ाई -ढाई साल मुख्यमंत्री विवाद विधानसभा चुनाव तक बना रहा लेकिन पांच साल तक भूपेश बघेल मुख्यमंत्री ही रहे हैं। इसी तरह की राह पर इन दिनों छत्तीसगढ़ की वर्तमान भाजपा सरकार में देखने और सुनने को मिल रहा है, जहां पर एक मंत्री खुद को मुख्यमंत्री के रुप में देखना चाहते हैं और इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की स्वच्छ छवि को धूमिल करने की साज़िश भी रची जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य के सौम्य,सहज,सरल आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मोदी की गारंटी पर काम कर रहे हैं,उस पर एक पावर फुल मंत्री पानी फेरने में लगे हुए हैं और खुद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के लिए लामबंद हो चुके हैं। जिसके लिए इस मंत्री ने राष्ट्रीय स्तर के पत्रकारों को अपने कब्जे में लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की छवि को धूमिल करने के लिए अभियान छेड़ने के लिए रणनीति बना चुके हैं। जिसमें छत्तीसगढ़ के कुछ वरिष्ठ अफसर भी साथ दे रहे हैं। वहीं बताया जा रहा है कि चैत्र नवरात्र पर्व में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही निगम, मंडल, आयोग,बोर्ड में नियुक्ति होने के बाद सीएम विष्णु देव साय को हर हाल में मुख्यमंत्री पद से हटाने पर जोर दिया जाएगा ,ताकि खुद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बेठे सके। वैसे सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आदिवासी होने के कारण ही मुख्यमंत्री बनाए गए हैं और सरकार को एक दमदार मंत्री केंद्र सरकार के इशारे पर चला रहे हैं और यही कारण है कि विष्णु देव साय को हटाने की रणनीति भीतर ही भीतर बन रही है। अब यह कौन मंत्री हैं यह तो भाजपाई भलि भांति जानते हैं कि विष्णु देव साय की छवि को कौन मंत्री धूमिल करने के लिए रणनीति बना चुके हैं। वहीं एक एक मंत्री साल भर में इतना अवैध कमाई किए हैं कि जिले के एक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 100 एकड़ भूमि अपने रिश्तेदारों के नाम खरीद चुके हैं। यह मंत्री कौन है ,इसका जानकारी अतिशीघ्र सर्वव्यापी अपने आगामी अंकों में प्रकाशित करेंगे तो पढ़िए हमारा अगला अंक…