सरायपाली/ विकास नंद/ सर्वव्यापी/

आज 14 अप्रैल को प्रति वर्ष की तरह महान समाज सुधारक,भारत रत्न, संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती मनाई जा रही है इस अवसर पर छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव एवं कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग की प्रदेश समन्वयक तिरीथ कुमारी ने ग्रामीण क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया इस दौरान डॉ साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए तिरीथ ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के मऊ (अब महू) में हुआ था।डॉ. अंबेडकर ‘बाबासाहेब’ नाम से भी प्रसिद्ध हैं। वह भारत के पहले कानून मंत्री थे।भारत के इतिहास में कुछ ऐसे महान लोग हैं, जिन्होंने समाज की दिशा और दशा को पूरी तरह बदल दिया। डॉ. भीमराव अंबेडकर ऐसा ही एक नाम हैं, जिनका जीवन भारत में समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की भावना को समर्पित था। उनके सम्मान और याद में 14 अप्रैल को पूरे देश में अंबेडकर जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह केवल एक व्यक्ति की जयंती नहीं, बल्कि एक आंदोलन की याद है। आगे तिरीथ ने कहा कि डॉ. बीआर अंबेडकर को ‘भारतीय संविधान का निर्माता’ कहा जाता है क्योंकि वह भारतीय संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष थे।महान समाज सुधारक अंबेडकर ने दलितों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ का नारा दिया है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के महिला कार्यकर्ताओं सहित वरिष्ठ नागरिकगण उपस्थित रहे।