प्रशासन के उदासीनता से रेत खनन जोरों पर।

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बिलासपुर(तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

पचपेड़ी तहसील क्षेत्र में लगातार राजस्व विभाग में बैठे अधिकारियों के प्रति लोगों का आक्रोश बढ़ते जा रहा है ,इसके पीछे कई कारण है जैसे रेत परिवहन में लगे बड़े-बड़े गाड़ियों द्वारा बिना ढंके उसकी ढूलाई की जा रही है जबकि एक नियम के तहत इनको परिवहन करते समय इसको ढक कर ले जाना है पर राजस्व में बैठे अधिकारी इस पर कोई कार्यवाही नहीं करते और राहगीरों को रोड में आते जाते इससे भारी समस्या हो रही है किसी के कान में तो किसी के नाक में और किसी की आंखों में भी रेत घुस जा रहा है जिसके कारण किसी दिन बड़ी दुर्घटना भी घट सकती हैपचपेड़ी तहसील का अमलडीहा उदईबंद रेत घाट जमकर रात में भी चल रहा है। जबकि यह नियम का उल्लंघन है रेत नियम का मतलब है कि कुछ समय अवधि के लिए नदी से रेत का खनन (निकालना) बंद कर दिया जाता हैँ नदियों की सेहत को नुकसान से बचाया जा सके। रात में रेत खनन नहीं करने का मुख्य कारण यह है कि रात में विजिबिलिटी कम होती है जिससे कार्य करते समय दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा,रात में खनन से वन्यजीवों और पर्यावरण को भी नुकसान पहुँच सकता है,इसलिए नियमों में इसे प्रतिबंधित किया गया है पर यहाँ बैठे अधिकारी जमकर नियमों का उलंघन कर रहें हैँ पर इनकों रोकने वाला कोई नहीं हैँ।कुछ दिन पहले ही एक मामला खूब सुर्खिया बटोर रही थी वह मामला था सरकारी जमीन को पटवारी की सांठ गांठ से प्राइवेट बना कर सरकार को चूना लगाने का जिसमें गिधपुरी के एक सरपंच का नाम सामने आया था और उनके खिलाफ बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण से शिकायत भी हुई है पर अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है यह मामला भी पचपेड़ी तहसील क्षेत्र का ही है।इसके अलावा पचपेड़ी तहसील क्षेत्र में मचहा हरदी और भिलौनी ये वो जगह हैँ जहाँ से बेधड़क खुलेआम रेत का अवैध घाट चलाया जा रहा हैँ पर मजाल है कि यहां राजस्व के अधिकारी एक भी कार्यवाही कर लेते।एक किसान नाम नहीं छापने की शर्त पर बताता है कि वह अपने निजी जमीन पर खेत में खुदाई करा रहा था खेती की दिनों में पानी नहीं रुकने की वजह से उसको वह मशीन से गड्ढा करा रहा था पर नयाब तहसीलदार ने काम को रुकवा दिया और प्रकरण बना दिया जब किसान ने इस मामले में नयाब तहसीलदार से कहा कि उनकी निजी जमीन है और वह खेती के लिए इस खेत को बनवा रहे हैं यहां पानी नहीं रुकता बावजूद इसके बिना परमिशन काम कराने का हवाला देकर काम बंद करा दिया गया जहां अब कोई भी मशीन वाला काम करने को तैयार नहीं हो रहा है जिसके वजह से किसान परेशान है और अब इस बात को वह लेकर सीएम के जन दर्शन में जाने की बात कह रहा है।


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