सर्वव्यापी ब्यूरो/ रामनारायण यादव/ करगीरोड /
(कोटा )- ध्यान योग शिविर सांसारिक जीवन के साथ साथ आध्यात्मिक जीवन को भी सफल और सुफल बनाता है। 1997 से यह ध्यान योग शिविर पूरे भारत में संचालित हो रहे है। वर्तमान तक लाखों लोग इस ध्यान योग शिविर से लाभान्वित हो चुके है।। लाखों लोग अपने जीवन में शांति, आनंद, उत्सव एवं समृद्धि को प्राप्त किए है। समर्थगुरुधारा का मार्ग सहजयोग का मार्ग है। सहज योग ज्ञानयोग, भक्ति योग और कर्म योग का संगम है। ज्ञान योग का अर्थ है, स्वयं को आत्मा जानना और उसके प्रेम में जीना। भक्ति योग का अर्थ है परमात्मा को जानना और परमात्मा के प्रेम में जीना। कर्म योग का अर्थ है आत्मा और परमात्मा को जानते हुए, उनके प्रेम में जीते हुए, संसार के मंगल हेतु कर्म करना।” समर्थगुरुधारा आपके आत्मज्ञान और उससे भी आगे का मार्ग है”समर्थगुरुधारा ने दुनिया को ‘आध्यात्मिक विज्ञान’ का उपहार दिया है। इसने अध्यात्म को विज्ञान में बदल दिया है। यह आध्यात्मिकता का एक व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करता है – इसके पाठ्यक्रम इस तरह से डिज़ाइन किए गए हैं कि व्यक्ति व्यावहारिक रूप से विशिष्ट आध्यात्मिक मील के पत्थर का अनुभव करता है और गुरु के सही मार्गदर्शन में आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़ता है।समर्थगुरुधारा ने अपने योग कार्यक्रमो को इस तरह से डिज़ाइन किया है कि वे आधुनिक समय के व्यस्त व्यक्ति को आध्यात्मिकता की ऊंचाइयों को जल्दी और कुशलता से छूने में मदद करते हैं। आज लाखो लोग समर्थगुरु के मार्गदर्शन में आत्मज्ञान और उससे आगे की ओर आध्यात्मिक पथ पर चल रहे हैं।