बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के रिक्त राज्य सभा सांसद के रुप में छत्तीसगढ़ियों को नहीं बल्कि कांग्रेस ने बाहरी राज्यों के कांग्रेसियों को यहां से राज्य सभा सांसद बनाने में अहम् भूमिका निभाई है जो कांग्रेस सरकार की हार के बाद छत्तीसगढ़ में आज तक अपनी सूरत नहीं दिखाए हैं। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के समय कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला, रंजीत रंजन और के.टी.एस. तुलसी को राज्यसभा सांसद निर्वाचित किए गए थे, जिनका काम छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर अहम् भूमिका निभाना था और यहां की समास्याओं को राज्य सभा सदन में प्रमुखता से उठना चाहिए था मगर उक्त तीनों राज्य सभा सांसद छत्तीसगढ़ की हित में कुछ करते दिखाई नहीं पड़ रहे हैं और यहां की जनता अपने राज्य सभा सांसदों से पूरी तरह से अंजान ही नहीं बल्कि उसे पहचानते तक नहीं है और न ही जनप्रतिनिधियों द्वारा राज्य सभा सांसद के मदों से अपने क्षेत्रों में विकास निर्माण कार्य भी नहीं करा पा रहे हैं क्योंकि यह सब अपने गृह राज्य में निवासरत है और इनका छत्तीसगढ़ आने का कोई समय नहीं है और न ही इन्हें आम जनता से कोई सरोकार नहीं है। भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में उक्त तीनों कांग्रेसियों को भूपेश की छत्तीसगढ़िया सरकार ने यही सोच कर राज्य सभा सांसद बनाए कि उक्त तीनों सांसद छत्तीसगढ़ के विकास में अहम योगदान देंगे परंतु ऐसा कुछ नहीं हुआ, जिससे खुद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यहां तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जनता को इन सांसदों की उपलब्धि गिना सके जो छत्तीसगढ़ की हित में हो। बहरहाल जब से कांग्रेस सरकार की हार हुई है यह तीनों सांसद छत्तीसगढ़ की धरती पर नजर नहीं आए हैं और इसी लिए छत्तीसगढ़ की जनता उक्त सांसदों को लापता सांसद के रुप में तलाश रहे हैं और उनके सही पता पूछ रहे हैं ताकि जनता सांसदों से उनके घर जाकर अपनी समास्या उन्हें गिना सके।