रमन का ग्राम सुराज, भूपेश का भेंट- मुलाकात और नये स्वरूप में विष्णु का सुशासन तिहार, फिर भी..?

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कबीरधाम/ धनंजय चेतन साहू/ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/

कल से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सुशासन तिहार का आगाज हो रहा है। सुशासन तिहार के तीसरे चरण में खुद मुख्यमंत्री प्रदेश के दौरे पर निकलेंगे। उनका उड़न खटोला संभाग के किसी भी दो जिलों में उतरेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री आम जनता से बात कर उनकी समस्याओं पर बात कर समस्या सुलझाएंगे। इस दौरान विभिन्न योजनाओं की ग्रामीणों से फीडबैक लेकर समीक्षा भी करेंगे। किन योजनाओं की जानकारी ले मुख्यमंत्री समीक्षा करेंगे इसकी जानकारी कलेक्टरों को भी नहीं होगी।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में सुशासन की स्थापना को लेकर सरकार द्वारा लगातार काम किया जा रहा है। शासन प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर शासकीय कामकाज में पारदर्शिता आए, शासकीय योजनाओ और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुरक्षित हो, इसका लाभ समाज के उन सभी वर्गों को तब पड़ता से मिले जिनके लिए योजनाएं संचालित की जा रही है। इसको लेकर शासन प्रशासन स्तर पर प्रभावी पहल किया जा रहा है।इसी कड़ी में सुशासन तिहार 2025 संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना, तथा विकास कार्य में गति लाने के साथ ही आम जनता, जनप्रतिनिधियों, और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है।सुशासन तिहार का कल से तीसरा चरण शुरू होने वाला है। कॉलेज चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए गए। दूसरे चरण में 1 माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण का प्रयास किया गया। तीसरा एवं अंतिम चरण कल पांच मई से 31 मई के बीच होगा।तीसरे चरण में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद समाधान शिविरों में शामिल होने के लिए अपने उड़न खटोले से निकलेंगे। 1 दिन में एक संभाग के किसी भी दो जिलों में मुख्यमंत्री का उड़नखटोला उतरेगा। मुख्यमंत्री खुद ग्रामीणों से बात कर उनकी समस्याओं के निराकरण के संबंध में जानकारी लेंगे और समस्या सुलझाने हेतु दिशा निर्देश देंगे। शासन की योजनाओं की समीक्षा भी मुख्यमंत्री करेंगे। हालांकि मुख्यमंत्री जनहितैषी किस योजना के संबंध में जनता से फीडबैक लेंगे और समीक्षा करेंगे। यह किसी भी कलेक्टर को पहले से पता नहीं होगा। जिसके चलते कलेक्टरों की धड़कने भी बढ़ी हुई है। जमीनी हकीकत का पता लगाने मुख्यमंत्री किसी भी एक जिले में रात्रि विश्राम भी करेंगे। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात भी करेंगे।बताते चलें कि यह प्रयोग पूर्ववर्ती की सरकार में डाॅ रमन सिंह सरकार ने इसी तरह का प्रयोग अपने तीन पंचवर्षीय में किया था और इसे ग्राम व नगर सुराज अभियान फिर भूपेश बघेल सरकार में इसे भेंट -मुलाकात का नाम दिया गया था और उक्त मुख्यमंत्री के कार्यकाल की तरह वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी प्रयोग करते हुए सुशासन तिहार का नाम दिया लेकिन काम रमन और भूपेश की तरह ही इस तिहार में हो रही है। देखने वाली बात यह होगी कि सुशासन तिहार में सुशासन हकीकत में है या फिर सरकारी कागजों सुशासन देखने को मिलेगा।


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