सरायपाली/ विकास नंद/ सर्वव्यापी/
कलेक्टर खाद्य शाखा जिला महासमुंद द्वारा गठित जांच दल की जांच प्रतिवेदन में सरायपाली विकास खंड के ग्राम अमरकोट स्थित धान उपार्जन केंद्र में अनियमितता पाई गई प्रतिवेदन के अनुसार, केंद्र में भौतिक सत्यापन के दौरान 11416 बोरी धान कम पाया गया, जिसका वजन मानक अनुसार 5348.68 क्विंटल है। जिसकी राशि प्रति क्विंटल 3100 रुपए के आधार पर एक करोड़ 65 लाख 80 हजार 908 रुपए होता है।जांच दल में खाद्य निरीक्षक, सहकारी निरीक्षक एवं शाखा प्रबंधक शामिल थे, जिन्होंने अपने प्रतिवेदन में यह स्पष्ट किया है कि उक्त गड़बड़ी के लिए धान उपार्जन केंद्र प्रभारी कार्तिकेश्वर यादव, बारदाना प्रभारी तेजराम पटेल तथा कंप्यूटर ऑपरेटर राजेन्द्र पटेल संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं।जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर ने धान खरीदी नीति खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के कंडिका 15.9 तथा त्रिपक्षीय अनुबंध की कंडिका 12.8 एवं 12.11 के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।जारी आदेश में संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि संबंधित अधिकारी समय पर उचित कार्रवाई नहीं करते हैं, तो यह माना जाएगा कि निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण में लापरवाही हुई है। ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक एवं वैधानिक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव उच्च कार्यालय को भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले दिनों कांग्रेस नेता विश्वजीत बेहरा ने सोशल मीडिया के माध्यम से अमरकोट धान खरीदी केन्द्र में भारी गड़बड़ी की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा किया था जिसमें उन्होंने इस मामलें में सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं के हाथ होने का अंदेशा जाहिर किया गया था यह मामला सोशल मीडिया में वायरल होते ही मिडिया द्वारा इस संबंध में जिला ग्रामीण बैंक के मैनैजर से जानकारी चाही जिस पर उन्होंने चुप्पी साध ली इससे यह संभावना प्रबल हो जाती है कि अधिकारियों के मिलीभगत से इतने बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है विभिन्न समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद उक्त धान खरीदी केन्द्रों में जांच में की गई जिसमें अमरकोट धान खरीदी केन्द्र शामिल हैं जहां एक करोड़ से ज्यादा राशि की गड़बड़ी पाई गई है बहरहाल अब दोषियों के गिरफ्तारी के पश्चात कुछ बड़े नामों के खुलासें की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।