गौरेला पेण्ड्रा मरवाही/ नूर मोहम्मद /ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व विशेष अभियान के तहत आज जिले के 18 स्वास्थ्य केन्द्रों में उच्च जोखिम वाले गर्भवती महिलाओं का निःशुल्क जांच, उपचार एवं परामर्श प्रदान किया गया। इस अभियान का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले गर्भवती महिलाओं का समय पूर्व जांच कर मातृ एवं जनजात शिशु मृत्यु दर को कम करना है। इस अभियान के अंतर्गत जिला चिकित्सालय सहित तीनों विकासखण्डों के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला जिनका पूर्व प्रसव ऑपरेशन से हुआ है, पूर्व में गर्भपात या मृत शिशु का जन्म हुआ हो, जिनका वजन या ऊँचाई कम हो, कम उम्र में गर्भधारण किया हो, गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या किसी अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित हो का जांच किया गया। अभी 18 स्वास्थ्य संस्थाओं में स्त्री रोग विशेषज्ञ, महिला चिकित्सक, महिला आरएमए स्टाफ नर्स व अन्य स्टाफ के द्वारा अपनी सेवाएं दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि अभियान के सफल संचालन हेतु जिले में सोनोग्राफी के लिए जिला चिकित्सालय गौरेला, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पेण्ड्रा एवं आरोग्य श्री हॉस्पिटल मरवाही में व्यवस्था की गई थी, जहां आज 70 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का सोनोग्राफी जांच कराया गया। अभियान की मॉनिटरिंग के लिए जिला एवं विकासखण्ड स्तर के अधिकारी-कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई थी। राज्य स्तर से डॉ. रोचक सक्सेना (डब्ल्यू एचओ) व आलोक दुबे राज्य सलाहकार द्वारा इस अभियान में जिले में भ्रमण कर मॉनिटरिंग की गई। जिले के निजी अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वर्षारानी नरेटी द्वारा भी जांच एवं सोनोग्राफी कर इस अभियान में सहयोग प्रदान किया गया। जिला नोडल अधिकारी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम ने बताया कि इस विशेष अभियान में जिले में अब तक 300 से अधिक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की जांच एवं उचित परामर्श दिया जा चुका है।