विकास नंद/ सर्वव्यापी/
महासमुंद जिले में आबकारी विभाग भारी स्टाफ की कमी से जूझ रहा है जिसके कारण अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगाना मुश्किल हो गया है ऐसे देखा जाए तो सरायपाली विकास खण्ड में अवैध शराब बिक्री जोरों पर है मगर अवैध शराब पर लगाम लगाने वाले आबकारी विभाग सरायपाली के पास एक आबकारी निरिक्षक व एक सिपाही है जिन पर पूरे विकास खंड की जिम्मेदारी है ऐसे में अवैध शराब के कारोबार पर कैसे लगाम लग पायेगा यह सवाल उठता है इस वजह से अवैध शराब बनाने वाले व बेचने वाले के हौसले बुलंद हैं। और शासन को ठेंगा दिखाते हुए अवैध शराब की विक्री खुलेआम किया जा रहा हैं। वहीं शासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। ताकि अवैध शराब पर लगाम लगाना संभव हो सके।गौरतलब है कि हाल ही में कार्य में लापरवाही और अनियमितता तय दर से अधिक मूल्य पर मंदिरा विक्रय,स्टाक में गंभीर कमी और बिक्री राशि में लाखों की गड़बड़ी के मद्देनजर प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी पर निलंबन की कार्रवाई की गई है परंतु प्लेसमेंट कंपनी पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई बिना प्लेसमेंट कंपनी के मिलीभगत से इस प्रकार गड़बड़ी संभव नहीं है। बहरहाल महासमुन्द जिले के पिथौरा विकास खंड में एक निरिक्षक एक सिपाही,सांकरा में मात्र एक निरिक्षक,बसना विकास खंड में एक निरिक्षक एक सिपाही और यही हाल सरायपाली में भी है बल कम होने के कारण छापामार कार्यवाही, न्यायालयीन कार्य तथा विभागीय कार्यो को निपटाने में आबकारी विभाग को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण कार्य में बिना वजह लापरवाही हो रही है और अवैध शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाना मुश्किल हो गया है इसलिए शासन प्रशासन को इस मामले पर गंभीरता से विचार करते हुए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है जिससे साय सरकार की मंशानुरूप अवैध शराब बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जा सके।