विकास नंद/ सर्वव्यापी/

सरायपाली विधानसभा के भाजपा मंडल केदुवां के सामुदायिक भवन बिरकोल में आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संविधान हत्या दिवस व इतिहास में भारतीय लोकतंत्र और राजनीति का सबसे काला अध्याय आपातकाल के विरोध में उठी हर आवाज को बुलंद करने वाले तथा तत्कालीन कांग्रेस सरकार के असंवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ व अलोकतांत्रिक अध्याय को याद करते हुए समान्य सभा का आयोजन किया गया। जिसमें आपातकाल के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते बताया गया कि इंदिरा गांधी सरकार ने 50 वर्ष पहले 25 जून 1975 को आपातकाल लागू किया। आपातकाल के दौरान 48 अध्यादेश जारी किए, जिनमें आंतरिक सुरक्षा का रखरखाव अधिनियम (मीसा) में संशोधन के लिए पांच अध्यादेश शामिल थे। इस अधिनियम में प्रशासन को बिना वारंट किसी को भी हिरासत में लेने की शक्ति दी गई थी। इंदिरा गांधी सरकार द्वारा 21 महीने के आपातकाल में सरकार ने कई बार संविधान में संशोधन किया, जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और स्पीकर के पदों के लिए चुनाव को अदालतों के दायरे से बाहर रखना और प्रस्तावना में समाजवादी पंथनिरपेक्ष और अखण्डता शब्द शामिल करना शामिल था।आपातकाल के समय समाज में भय, दमन और असंतोष का महौल छाया हुआ था।
आपातकाल लागू होने के बाद 1975 में 26 अध्यादेश, 1976 में 16 अध्यादेश और 1977 में छह अध्यादेश जारी किए गए थे। मीसा में संशोधन का पहला अध्यादेश आपातकाल की घोषणा के कुछ दिनों के भीतर 29 जून 1975 को जारी किया गया था। आपातकाल के दौरान मीसा (संशोधन) अध्यादेश को चार बार और जारी किया गया। एक दिन बाद राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने भारत की रक्षा (संशोधन) अध्यादेश जारी किया, जिसने सरकार को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक अधिकार दिए। इस दौरान सांसद सत्र समान्य था।
आपातकाल के दौरान देश में भारी संकट पैदा हो गया। जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, मोरारजी देसाई, लालकृष्ण अण्डवानी, राजनाथ सिंह समेत हजारों नेताओं और लाखों कार्यकर्ताओं और नागरिकों को जेल में बंद कर दिया गया।
आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर एक गंभीर प्रहार था। नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन हो गया। जिससे लोगों में भारी असंतोष फैल गया। लेकिन इस संकट के बाद लोकतंत्र की पुनः बहाली ने भारतीय जनता की चेतना और संविधान की मजबूती को भी प्रमाणित किया था।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष दण्डधर साव, जनपद सभापति उषा लालकुमार पटेल, महामंत्री सुरोतीलाल लकड़ा, महामंत्री प्रमोद पटेल, प्राधिकृत अध्यक्ष शरद पटेल, प्राधिकृत अध्यक्ष नेपाल राम साहू, आपातकाल दिवस प्रभारी द्वय रवि चौहान, लीलाम्बर दीवान, उपाध्यक्ष रुपलाल नंद, जनपद सदस्य प्रतिनिधि अर्जुन बसंत, जयप्रकाश चौधरी, हेतराम चौधरी, गौरीशंकर पटेल, घनश्याम पटेल चित्रसेन साव, ओमप्रकाश चौहान, गजपति पटेल, लखेराम पटेल, विद्याचरण पटेल, बाबूलाल बरिहा, नारायण निषाद, उदेराम बाघ, बालेश्वर पटेल, गोवर्धन, जीवन, संतराम सहित अन्य कार्यकर्ता व ग्रामीण जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री सुरोतीलाल लकड़ा एवं आभार व्यक्त महामंत्री प्रमोद पटेल ने किया!