विकास नंद/ सर्वव्यापी/
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी “पीएम सूर्य घर” योजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्य महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया ने इसे आमजन के लिए क्रांतिकारी और पर्यावरण हितैषी योजना बताया है जिससे नागरिकों को बिजली बिल से पूरी तरह मुक्ति मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि “पीएम सूर्य घर” योजना के अंतर्गत लोग अपनी खपत के अनुसार खुद बिजली उत्पन्न कर सकते हैं। केंद्र सरकार 3 किलोवॉट तक के सोलर रूफटॉप सिस्टम पर ₹78,000 तक की सब्सिडी दे रही है, वहीं छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार भी ₹30,000 तक की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान कर रही है। इससे लोगों को न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। कोसरिया ने बताया कि 3 किलोवॉट के सोलर सिस्टम से प्रतिदिन 17 से 19 यूनिट तक बिजली उत्पादित होती है, जबकि एक सामान्य परिवार की औसत खपत 12 से 313 यूनिट मासिक होती है। इस तरह बिजली बिल शून्य हो सकता है।
उन्होंने कहा कि यह योजना देश को कोयला और जल जैसे परंपरागत स्रोतों से निकलने वाली बिजली पर निर्भरता से मुक्त कर, अक्षय ऊर्जा की ओर अग्रसर करती है। सौर ऊर्जा के उपयोग से न केवल आत्मनिर्भरता बढ़ेगी बल्कि पर्यावरण प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी, क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार के प्रदूषणकारी संसाधनों का उपयोग नहीं होता।
उन्होंने सभी परिवारों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के लिए वरदान साबित हो सकती है। हर नागरिक इस योजना के तहत सोलर सिस्टम लगाकर न केवल बिजली खर्च से छुटकारा पा सकता है बल्कि पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान दे सकता है।