विकास नंद/ सर्वव्यापी/
राजधानी रायपुर में न्यूज़18 मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित भव्य ‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को दोहराते हुए राज्य के लिए दूरदर्शी विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के ऐतिहासिक समर्थन से बनी सरकार ने गठन के बाद ही जनहित में तेज़ गति से कार्य आरंभ कर दिए। उन्होंने बताया कि राज्य में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे हजारों परिवारों को गृह प्रवेश का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।कृषि क्षेत्र में बड़े फैसले लेते हुए राज्य सरकार ने धान की खरीदी ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रारंभ की है, जिसमें किसानों को पिछले दो वर्षों की बकाया राशि भी प्रदान की जा रही है। महिलाओं के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है।जनजातीय सशक्तिकरण की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि चरण पादुका वितरण, तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस तथा तीर्थदर्शन योजना जैसे प्रयासों से आदिवासी समुदाय को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, और यह सुविधा शीघ्र ही पूरे प्रदेश में विस्तार पाएगी। रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है, जिससे महिलाओं को आजीविका का सशक्त साधन प्राप्त हो रहा है।नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में केंद्र के सहयोग से चलाए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नक्सल मुक्त भारत’ अभियान को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त करने के केंद्र सरकार के लक्ष्य के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के गांवों में तेज़ी से विकास कार्य किए जा रहे हैं।‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में प्रदेश की संभावनाओं, उपलब्धियों और विकास की दिशा पर केंद्रित अनेक विचारोत्तेजक सत्र आयोजित हुए, जिससे शासन, नवाचार और नागरिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिली। यह कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ के विकास विजन को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करने का प्रभावशाली अवसर बना।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री डॉ. रामविचार नेताम समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।