सर्वव्यापी की खबर पर फिर लगी मुहर… विधानसभा में भाजपा विधायकों ने उठाया घुसपैठियों का मुद्दा।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के मुद्दे पर आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में जमकर बहस हुई। ओडिशा सीमा के पड़ोसी जिले महासमुंद के अंतर्गत बसना और सरायपाली , बागबाहरा क्षेत्रों में लगातार बढ़ती घुसपैठ पर शासन का ध्यानाकर्षण करते हुए 23 जून को सर्वव्यापी ने इस विषय पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था।

भाजपा के तीन विधायकों ने विधानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और आरोप लगाया कि हजारों की संख्या में घुसपैठिए राज्य में निवास कर रहे हैं, जो राशन कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट जैसी सरकारी पहचान पत्र बनवाकर विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों के अलावा अन्य देशों से भी लोग अवैध रूप से आकर बसे हुए हैं, जिनकी पहचान न होना सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।इस पर जवाब देते हुए राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि रायपुर में 100 बिस्तरों वाला होल्डिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जहां चिन्हांकित घुसपैठियों को रखा जाएगा और बाद में उन्हें बीएसएफ के माध्यम से उनके देश वापस भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार ने एक टोल फ्री नंबर 18002331905 जारी किया है, जिस पर नागरिक इन संदिग्धों की सूचना दे सकते हैं। साथ ही एक विशेष टास्क फोर्स भी गठित की गई है जो घुसपैठियों की पहचान व कार्रवाई के लिए काम कर रही है।

सर्वव्यापी द्वारा पूर्व में प्रकाशित खबर के अनुसार, महासमुंद जिले की ओडिशा सीमा से लगे सरायपाली और बसना, बागबाहरा क्षेत्रों में इस प्रकार के संदिग्ध लोगों की खुलेआम आवाजाही देखी जा रही है। कई होटल, ढाबा और फेरी व्यवसायों में ये लोग कार्यरत हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक इनकी कोई प्रभावी जांच या पहचान नहीं की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, गृह मंत्रालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक निष्क्रियता देखने को मिल रही है।

इससे यह स्पष्ट होता है कि जिले में घुसपैठियों को लेकर शासन की गंभीरता के बावजूद ज़मीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से इन संदिग्ध निवासियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई करने की आवश्यकता है, ताकि राज्य की आंतरिक सुरक्षा को कोई नुकसान न पहुंचे।

बहरहाल, विधानसभा में उठे इस मुद्दे के बाद उम्मीद की जा रही है कि जिला प्रशासन भी अब सक्रियता दिखाएगा और घुसपैठियों की पहचान व निष्कासन की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।


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