विकास नंद/ सर्वव्यापी/

महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज महासमुंद विकासखंड के ग्राम बनपचरी में विभिन्न शासकीय योजनाओं और निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण कर विकास कार्यों की गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र, शासकीय विद्यालय, इंजेक्शन वेल और प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत बन रहे आवासों का निरीक्षण किया।निरीक्षण की शुरुआत गांव के आंगनबाड़ी केंद्र से हुई, जहां कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार की गुणवत्ता, टीकाकरण की स्थिति और साफ-सफाई का अवलोकन किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों को समय पर गरम भोजन उपलब्ध कराने, स्वच्छता और पोषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ सभी पंजी संधारण को अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।इसके बाद उन्होंने प्राथमिक और हायर सेकेंडरी विद्यालय का निरीक्षण कर कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। बच्चों को मोबाइल के सीमित उपयोग और पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने की सलाह देते हुए कलेक्टर ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “मजबूत नींव ही मजबूत भवन की पहचान होती है”, इसलिए छात्र जीवन में मेहनत और लगन को अपनाएं। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति, शिक्षण सामग्री एवं विद्यालय की अधोसंरचना की स्थिति की भी जानकारी ली।
कलेक्टर लंगेह ने प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत बन रहे आवासों की गुणवत्ता की जांच की और निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला समूहों को आत्मनिर्भरता की दिशा में सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय से जोड़ने की पहल करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।निरीक्षण के दौरान ग्राम में जल संरक्षण के तहत जनसहयोग से बनाए गए इंजेक्शन वेल का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के उपायों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक घर के पास सोख्ता गड्ढा बनाएं और बंद बोरवेल को इंजेक्शन वेल में परिवर्तित करें।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, जनपद पंचायत सीईओ बी.एस. मांडवी, ग्राम सरपंच सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को फील्ड विजिट कर कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखने और योजनाओं में लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।