बिना “फार्मर आईडी“ नहीं बिकेगा धान : किसान 30 अगस्त तक अनिवार्य रूप से कराएं पंजीयन।

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नूर मोहम्मद /गौरेला पेंड्रा मरवाही/(सर्वव्यापी)/

राज्य शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान बिक्री, फसल बीमा और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल में फार्मर आईडी पंजीयन अनिवार्य कर दिया है। बिना फार्मर आइडी के किसान न तो सहकारी समिति में धान बेच सकेंगे और न ही फसल बीमा या पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ उठा पाएंगे। पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अगस्त तक है।

एग्रीस्टेक योजना के तहत इस बार किसानों के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है। अब धान बिक्री बीमा और किसान सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल में फार्मर आइडी पंजीकृत कराना अनिवार्य कर दिया है। अगर कोई किसान एग्रीस्टेक पोर्टल में फार्मर आइडी पंजीयन नहीं करवाते हैं तो वे इस बार धान नहीं बेच सकेंगे और न ही उन्हें केंद्र व राज्य की किसी भी योजना का लाभ मिलेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जीपीएम जिले में 33 हजार 340 किसानों में से केवल 25 हजार 803 किसानों ने फार्मर आइडी पंजीयन कराया है। शेष 7537 किसान ऐसे हैं जिन्होंने अब तक पंजीयन नहीं कराए हैं, वे धान बेचने से वंचित ही नहीं रह जाएंगे, बल्कि पीएम किसान योजना की किस्त और फसल बीमा सुविधा से भी बाहर हो सकते हैं। इसलिए निकटतम लोक सेवा केंद्र (सीएससी), सहकारी समितियों या एग्रीस्टेक पोर्टल पर स्वयं भी किसान अपना पंजीयन कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद किसानों को 11 अंकों को यूनिक फार्मर आइडी प्राप्त होगी, जो भविष्य की योजनाओं में उनकी डिजिटल पहचान होगी।

पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज-बी-1 खतौनी, ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड, आधार लिंक मोबाइल नंबर होना चाहिए। पोर्टल से फार्मर आइडी पंजीयन कराने का लाभ जिसमें योजनाओं में दोहराव की रोकथाम, फसल, भूमि, बीमा और ऋण का डिजिटल रिकार्ड, सरकारी सहायता की पारदर्शिता और प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व चेतावनी दी जा सकती है।


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