विकास नंद/ सर्वव्यापी/
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की सरायपाली विकासखंड की आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाओं ने देश की रक्षा में तैनात वीर सैनिकों के लिए एक अनोखी और भावनात्मक पहल की है।
इन महिलाओं ने न केवल अपने हाथों से रक्षा सूत्र (राखी) तैयार किए, बल्कि हृदयस्पर्शी पत्र भी लिखकर सैनिकों के नाम भेजे, जिनमें देश के प्रति उनकी कृतज्ञता और आशीर्वाद झलकता है।यह पहल बताती है कि रक्षाबंधन का त्योहार केवल भाई-बहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस हर रक्षक को समर्पित है जो हमारी रक्षा में दिन-रात समर्पित है।
महिलाओं ने अपने पत्रों में लिखा कि “हमारे रक्षक सिर्फ हमारे भाई ही नहीं, बल्कि सीमा पर तैनात आप जैसे वीर जवान भी हैं। जब तक आप जागते हैं, हम चैन से सो सकते हैं।”आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हितग्राहियों ने रक्षासूत्र और पत्र जिला प्रशासन के माध्यम से भेजने का आग्रह किया है ताकि ये निश्छल भावनाएं देश की सीमाओं तक पहुंचे और सैनिकों के मनोबल को ऊंचा करें।इन रक्षासूत्रों में नारी शक्ति की शुभकामनाएं, भावनाएं और देश के लिए कृतज्ञता समाहित है।
यह पहल न केवल राष्ट्रीय एकता और सम्मान का संदेश देती है, बल्कि भावनात्मक रूप से भी पूरे देश को जोड़ती है।महिला एवं बाल विकास विभाग की इस पहल को स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी सराहा है। यह प्रयास निश्चित ही समाज में देशप्रेम की भावना को और गहरा करेगा।रक्षाबंधन के इस पर्व पर जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, तब महासमुंद की इन बेटियों ने यह जताया कि भारत के हर सैनिक उनके लिए एक भाई है — और यह राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि पूरे देश की बहनों की प्रार्थना है।