विकास नंद/सर्वव्यापी

महासमुंद जिला कांग्रेस में गुटबाजी की स्थिति एक बार फिर सतह पर आ गई है। पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रहे असंतोष और आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब कांग्रेस ने अपने ही पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
यह नोटिस जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष व विधानसभा चुनाव की कांग्रेस प्रत्याशी रही डॉ. रश्मि चंद्राकर द्वारा जारी किया गया है।नोटिस में पूर्व विधायक पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।
खास तौर पर, 22 जुलाई को आयोजित एक समानांतर कार्यक्रम और उसमें उनकी भागीदारी को पार्टी ने गंभीर अनुशासन उल्लंघन माना है। नोटिस में सवाल किया गया है कि उन्होंने पार्टी के निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने की बजाय समानांतर आयोजन क्यों किया।नोटिस में वायरल वीडियो का भी उल्लेखजिला कांग्रेस द्वारा भेजे गए नोटिस में उस वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें चंद्राकर ने पार्टी की वर्तमान जिला नेतृत्व पर सवाल उठाए थे और टिकट बंटवारे को लेकर वरिष्ठ नेताओं पर आरोप लगाए थे। पार्टी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है कि वे किन “बड़े नेताओं” की ओर इशारा कर रहे हैं, और यदि उनके पास कोई प्रमाण है तो वे सार्वजनिक करें।
टिकट वितरण पर टिप्पणी पर मचा बवाल पूर्व विधायक द्वारा यह बयान देना कि “पार्षद चुनाव में उन्हीं को टिकट मिला जो अंतिम दिन तक गिड़गिड़ाते रहे” — पार्टी ने इसे कार्यकर्ताओं का अपमान बताया है और पूछा है कि पार्टी की इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है।‘पार्टी के भरोसे चुनाव नहीं जीते जा सकते’ बयान पर नाराज़गी विनोद चंद्राकर द्वारा दिया गया एक और बयान, जिसमें उन्होंने कहा कि “हर गांव में 40-50 निजी कार्यकर्ता तैयार करने होंगे, पार्टी के भरोसे चुनाव नहीं जीते जा सकते”, को पार्टी ने संगठन की गरिमा के खिलाफ बताया है। इस पर पार्टी ने उनसे जवाब मांगा है कि क्या वे मानते हैं कि कांग्रेस संगठन और उसके कार्यकर्ताओं की चुनाव में कोई भूमिका नहीं होती।इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर महासमुंद कांग्रेस में आपसी विश्वास और समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पूर्व विधायक चंद्राकर इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और कांग्रेस पार्टी इस विवाद को किस तरह संभालती है।