बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश पर अधिकारियों द्वारा दिलाए गए कब्जे पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के हस्तक्षेप और धमकी से परेशान होकर पीड़ित अधिवक्ता साधना जायसवाल और उनके भाई राजेश जायसवाल, सहयोगी अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने बुधवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में पहुंचकर पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि जमीन उनकी काफी पुरानी है जिसमें कब्जे को लेकर कोर्ट में प्रकरण चल रहा था। जिसका आदेश हमारे पक्ष में आने के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर अधिकारियों के द्वारा चिन्हांकित भूमि पर 3 फरवरी को बाउंड्रीवॉल उठवा रहे थे। तभी बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला कुछ युवकों को लेकर वहां पहुंचे और सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए काम कर रहे मजदूरों को डराकर भगा दिया। उसके बाद विधायक ने उनके साथ बदतमीजी की। अधिवक्ता साधना जायसवाल ने बताया कि उनकी धमकी इतनी भद्दी थी कि कोई भी संस्कारी इंसान महिला के समक्ष इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकता। उनकी जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज उनके पास सुरक्षित है। पीड़ित परिवार ने बताया कि घटना के बाद सरकंडा थाना और पुलिस अधीक्षक के समक्ष लिखित में अपनी पीड़ा रखी है। SP बिलासपुर के द्वारा कार्यवाही का आश्वासन भी दिया गया है। जायसवाल परिवार ने धमकी देने, आतंक मचाने वाले बेलतरा विधायक पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार राजेश जायसवाल ने आश्चर्य व्यक्त किया कि एक चुने हुए जनप्रतिनिधि का व्यवहार अपनी जनता के प्रति इतना खराब भी हो सकता है उन्होंने जीवन में पहली बार देखा है। उन्होंने ऐसे विधायक पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि किसी भी आम लोगों को ऐसे किसी जनप्रतिनिधि से कभी इस तरह के व्यवहार का सामना ना करना पड़े।