तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, बिलासपुर (कोऑपरेटिव बैंक) के अध्यक्ष और संचालक मंडल की नियुक्ति इसी माह होने की संभावना है। इस पद के लिए कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं।बैंक के अध्यक्ष पद पर अब तक ज़्यादातर ब्राह्मण और कुर्मी समाज के नेता काबिज रहे हैं। ब्राह्मण समाज से रामगोपाल तिवारी, देवेंद्र पांडेय जैसे नाम, और कुर्मी समाज से बैजनाथ चंद्राकर, ज्योतिष कश्यप, मुन्ना लाल रजवाड़े, प्रमोद नायक अध्यक्ष रह चुके हैं। इन दोनों जातियों का कृषि व राजनीति में दबदबा होने से नेतृत्व इन्हीं के हाथ में रहा है।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार पूर्व अध्यक्ष ज्योतिष कश्यप, देवेंद्र पांडेय, पूर्व उपाध्यक्ष राजेश तंबोली, पूर्व संचालक द्वारिका प्रसाद सोनी, तखतपुर के भाजपा नेता संतोष कौशिक और पूर्व विधायक रजनीश सिंह के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।वहीं बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता का दावा है कि इस बार अध्यक्ष पद पर ब्राह्मण व कुर्मी समाज से इतर किसी को मौका मिल सकता है।वहीं दावेदारों की बात करें तो राजेश तंबोली – तखतपुर के छतौना निवासी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक के करीबी माने जाते हैं। द्वारिका प्रसाद सोनी , गौरेला-पेंड्रा-मरवाही निवासी, लेकिन कोई मजबूत राजनीतिक संरक्षक नहीं। संतोष कौशिक की बात करें तो वह विधायक धर्मजीत सिंह ठाकुर के नजदीकी, जिनकी अनुशंसा पर नाम आगे बढ़ा है। वहीं ज्योतिष कश्यप की बात करें तो वह पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, संगठन महामंत्री पवन साय, छत्तीसगढ़ योग आयोग अध्यक्ष रुप नारायण सिन्हा के करीबी माने जाते हैं। वहीं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के कर्मचारियों का कहना है कि राजेश तंबोली और द्वारिका सोनी, दोनों ही देवेंद्र पांडेय के कार्यकाल में उपाध्यक्ष और संचालक रहे, जिस कारण उन पर उस समय के भ्रष्टाचार मामलों में सहयोगी होने के आरोप भी लगे हैं। जातिगत समीकरण और राजनीतिक पकड़ को देखते हुए अध्यक्ष पद पर फिर ब्राह्मण या कुर्मी समाज का नेता बैठ सकता है। अब निगाहें इस पर हैं कि विष्णुदेव साय सरकार बैंक की कमान किसे सौंपती है।