विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर आज भी कई सरकारी व राजनीतिक कार्यालयों से नदारद है।
ताजा मामला कांग्रेस के एक विधायक कार्यालय का है, जहां बाकी वरिष्ठ नेताओं के साथ अटल जी की तस्वीर नहीं दिखाई देती।जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों में महापुरुषों की तस्वीर लगाना परंपरा रही है, लेकिन अटल जी, जिनकी दूरदर्शी सोच और प्रयासों से वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में आया, उन्हें भूलना कहीं न कहीं उनकी विरासत के प्रति उपेक्षा दर्शाता है।
स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे महापुरुष, जिन्होंने प्रदेश की नींव रखी, उनके योगदान को राजनीति से ऊपर उठकर सम्मान मिलना चाहिए।
अटल जी के प्रशंसकों का मानना है कि सभी जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों में उनकी तस्वीर अनिवार्य रूप से होनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान से प्रेरणा ले सकें।