संपादक की कलम से…कुर्मी समाज के राजनैतिक उपेक्षा, भारी संख्या मं रहिके घलो काबिल नेता काबर नइ पा सकत हावय बड़े कद…?

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तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर जिला मं कुर्मी समाज के मजबूत अस्तित्व हावय। खेती-किसानी येकर मूल पेशा रहिस, फेर समय के संग-संग समाज के कतको वरिष्ठ जन राजनैतिक क्षेत्र मं आगू बढ़िन। बावजूद येकर, भारी संख्या अऊ काबिलियत रहिके घलो जिला के कई कुर्मी नेता जिला स्तर ले ऊपर प्रदेश के राजनीति मं अपन असर नइ बना पा थें।राजनैतिक दृष्टि ले देखन जाय त, जिला मं अलग-अलग फिरका के कुर्मी समाज के लोगन रहिथें। एमे सन्नाड्य कुर्मी समाज ले कांग्रेस अऊ भाजपा दुनों मं सबसे जियादा सफल नेता निकलिन। भाजपा के धरमलाल कौशिक जिला स्तर ले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अऊ विधानसभा अध्यक्ष तक के सफर तय करिस अऊ समाज ला गौरवान्वित करिस। येही समाज के सियाराम कौशिक बिल्हा विधानसभा ले जीतिन, जब कि येकर बहू गीतांजलि कौशिक जनपद पंचायत अध्यक्ष अऊ अब कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष हावंय। संतोष कौशिक “गुरुजी” बसपा ले अपन राजनीति सुरू करके जनता कांग्रेस (जोगी), कांग्रेस अऊ अब भाजपा मं कद्दावर नेता हावंय। भाजपा संगठन मं सक्रिय कृष्ण कुमार कौशिक के भूमिका जिला स्तर तकच सीमित रहि गे हवय।सन्नाड्य के बाद, जिला मं श्रेष्ठी (सरेठी) कुर्मी समाज के संख्या जियादा हवय। भाजपा ले घनश्याम कौशिक जिला पंचायत उपाध्यक्ष अऊ जिला महामंत्री रहिन, फेर प्रदेश स्तर मं हाशिया मं रहिगे। कांग्रेस के शिवबालक कौशिक तखतपुर विधानसभा के मजबूत दावेदार रहिन, फेर टिकट नइ मिलिस।चंद्रनाहू समाज ले प्रदीप कौशिक भाजपा सरकार मं जनपद उपाध्यक्ष, बाल संरक्षण आयोग सदस्य अऊ संगठन मं सक्रिय रहिन। येकर घरवाली नूरीता कौशिक जनपद पंचायत अध्यक्ष रहिन, फेर अब दूनों के राजनीति मं पूछ कम होगे हवय। सरेठी समाज के स्व. जगदीश प्रसाद कौशिक के देहांत के बाद येकर बेटा सौरभ अऊ बहू प्रतिभा कौशिक जनपद अऊ जिला पंचायत सदस्य के पद तकच सीमित हावंय। बैसवाड़े कुर्मी समाज ले ज्योतिष कश्यप ला भाजपा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष बनाइस, फेर वरिष्ठता के बावजूद उपेक्षा झेलत हावंय।येकर अलावा, कई दूसर फिरका के कुर्मी नेता अऊ युवा राजनीति मं बेहतर काम कर सकत हावंय, फेर सही राजनैतिक संरक्षण के अभाव मं आगू नइ बढ़ पा थें। पत्रकारिता, साहित्य अऊ समाजिक क्षेत्र मं सक्रिय कुर्मी युवा घलो उपेक्षा के शिकार हावंय।अब सवाल ए उठत हवय कि, जब बिलासपुर समेत पूरे प्रदेश मं कुर्मी समाज के संख्या दूसर समाज ले जियादा हवय, त कांग्रेस अऊ भाजपा दुनों पार्टी काबिल नेता मन ला काबर नजरअंदाज करत हावंय? का ए आंतरिक गुटबाजी, फिरकावाद, नइ त कोनो सियासी रणनीति के नतीजा आय? वरिष्ठ समाजिक नेता मन ला ए बात मं गंभीर होके, एकजुट आवाज उठाय के जरूरत हवय।


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