पचरीघाट में हुआ भोजली देवी गंगा विसर्जन मेला।

Share Now

तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ की आंचलिक लोक कला, सभ्यता और संस्कृति की अमूल्य धरोहर भोजली देवी गंगा का आयोजन जूना बिलासपुर के ऐतिहासिक पचरीघाट में 10 अगस्त 2025 को हुआ। यह स्थल शहर के सबसे प्राचीन और सुप्रसिद्ध विसर्जन घाट के रूप में जाना जाता है।इस अवसर पर पारंपरिक मेला भी लगेगा। परंपरा के अनुसार, महिलाएं गेहूं की बाली को बांस की टोकरी में सजाकर सिर पर धारण कर नदी की पावन धारा में प्रवाहित किए । इस अनुष्ठान के माध्यम से वे घर-परिवार की खुशहाली, गांव-चौपाल की समृद्धि और नगर की तरक्की के लिए आशीर्वाद एवं मनोकामनाएं व्यक्त किए। मोहल्ला विकास समिति के सचिव वीरेन्द्र यादव ने बताया कि यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करता है।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!