ग्रामीण विकास की नई पहचान गढ़ रहे हैं जिला पंचायत सीईओ चंद्राकर।

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तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा के सक्षम और संवेदनशील अफसर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले भारती चंद्राकर, वर्तमान में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। डिप्टी कलेक्टर के रूप में अपनी पहली पदस्थापना से लेकर अब तक उन्होंने विभिन्न विभागों में उल्लेखनीय कार्य करते हुए प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दी है।भारती चंद्राकर की कार्यशैली का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, ग्रामीण विकास के लिए उनका परिणामोन्मुख दृष्टिकोण। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में उनकी विशेष रुचि और सक्रियता ने जिले के कई गांवों को बुनियादी सुविधाओं, आजीविका संवर्द्धन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।जिला पंचायत मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भारती चंद्राकर के नेतृत्व में जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण पेयजल योजना जैसे कार्यक्रमों में गति आई है। पंचायत स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग भी उन्होंने बढ़ावा दिया है।हालांकि, जिले की भौगोलिक जटिलताएं, सीमित संसाधन और दूरस्थ अंचलों में सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना अब भी एक चुनौती बनी हुई है। विकास कार्यों में स्थायित्व लाने के लिए स्थानीय युवाओं की भागीदारी, कौशल विकास और सामुदायिक नेतृत्व को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। साथ ही, योजनाओं के प्रभाव का नियमित मूल्यांकन और सुधारात्मक कदम भी जरूरी हैं ताकि सरकारी पहल केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि जमीन पर बदलाव के रूप में दिखाई दें।सीईओ भारती चंद्राकर की अब तक की प्रशासनिक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में निष्ठा, नवाचार और जनसंपर्क को जोड़ा जाए, तो सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी विकास की रोशनी पहुंचाई जा सकती है।


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