संपादक की कलम से…आजादी के रंग, हमर छत्तीसगढ़।

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तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

आज पूरा देस मा आजादी के महापर्व मनाय जावत हे। 15 अगस्त 1947 के दिन हमर भारत माई के लाल-लाली मन बर, जऊन मन अपन प्राण के बलिदान दे के, हमर माटी ला पराई गुलामी ले आजाद कराइन, ओमन के बलिदान ला याद करे के दिन आय।आजादी के मतलब सिरिफ बेड़िया टूट जाना नई होवय, येकर मतलब हे, सोच मा स्वतंत्रता, अपन भाषा-बोली, संस्कृति, परंपरा ला खुलकर जिए बर आजादी। हमर छत्तीसगढ़ माटी अपन सादगी, मेहनत, अऊ अपन अपनापन बर पहिचान जाथे। आजादी के बाद हमर छत्तीसगढ़ राज्य मा विकास के नवा पन्ना लिखाय हे, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, सड़क, किसान बर योजना , ये सब आजादी के तोहफा हवंय।फेर, आजादी के साथ जिम्मेदारी घलो आथे। हमन ला अपन समाज मं भेदभाव, अशिक्षा, गरीबी अऊ भ्रष्टाचार के बेड़ी ला घलो तोड़ना परही। सिरतोन आजादी तब मिलही, जब हर गली, हर गांव मं रोशनी होही, जब हर बच्चा पढ़ही, अऊ जब किसान ला अपन मेहनत के पूरा मोल मिलही। आज के दिन हमर मन बर संकल्प लेवे के समय आय, हमन अपन छत्तीसगढ़ के माटी ला स्वच्छ, हरा-भरा, अऊ समृद्ध बनाबो। हमन अपन बोली, गीत, नाचा ला जिंदा रखबो, अऊ छत्तीसगढ़ परदेस,भारत देस के विकास मं अपन हिस्सेदारी निभाबो।!! जय जोहार, जय हिंद ,जय भारत,जय छत्तीसगढ़..!!


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