तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
राष्ट्रीय रजक महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल, प्रदेश अध्यक्ष विश्राम निर्मलकर के नेतृत्व में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके रायपुर स्थित निवास में भेंट कर स्वतंत्रता दिवस एवं जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर महासंघ ने समाजहित में कई महत्वपूर्ण मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। संत गाडगे बाबा की जयंती (23 फरवरी) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।छत्तीसगढ़ में संचालित स्वच्छता अभियान का नामकरण ‘संत गाडगे स्वच्छता अभियान’ के रूप में किया जाए।देश के 17 राज्य एवं 3 केंद्र शासित प्रदेशों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के रजक/धोबी समाज को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल कर आरक्षण का लाभ दिया जाए तथा इसके लिए राज्य सरकार तत्काल प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे।राज्यसभा, निगम–मंडल, आयोग एवं पार्टी संगठन में समाज के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व दिया जाए।रायपुर स्थित नरैया तालाब में स्थापित औद्योगिक पार्क (रजक गुड्डी) की तर्ज पर सभी जिला मुख्यालयों में रजक गुड्डी का निर्माण किया जाए, ताकि धोबी व्यवसायियों को सुविधाएं मिल सकें।सरकारी अस्पताल, रेस्ट हाउस, रेलवे व अन्य संस्थानों में धोबी कार्य हेतु जारी टेंडरों को सरल किया जाए और यह कार्य केवल धोबी जाति के लोगों को ही दिए जाएं।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समाज द्वारा प्रस्तुत मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया।कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महासचिव सुरेश निर्मलकर ने किया एवं आभार प्रदर्शन प्रदेश महासचिव (कार्यालय) चूड़ामणि निर्मलकर ने किया।इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा, प्रदेश अध्यक्ष विश्राम निर्मलकर, संरक्षक ज्ञान सिंह निर्मलकर, उपाध्यक्ष डॉ. लेख राम निर्मलकर, महासचिव निलेश रजक, कोषाध्यक्ष महेश कर्ष, सलाहकार पवन गंगबेर, डॉ. हेम सिंह निर्मलकर सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।