तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से महज आधा किलोमीटर दूर स्थित ऊर्जा विहार कालोनी, जो बिलासपुर जिले के तखतपुर के ग्राम पंचायत छतौना में शामिल है, आज नारकीय हालात का शिकार है। यह वही कालोनी है, जिसे एक वरिष्ठ भाजपा नेता समेत कई जमीन दलालों ने “सर्वसुविधायुक्त कालोनी” का सपना दिखाकर लोगों को बेचा था। लेकिन सालों गुजर जाने के बाद भी न सड़क, न नाली, न पेयजल और कोई सुविधा यहां उपलब्ध नहीं है।सबसे बड़ी समस्या पेयजल और पानी निकासी की है। बारिश के दिनों में गलियां तालाब में बदल जाती हैं और गर्मियों में बूंद-बूंद पानी को तरसना पड़ता है। कालोनी के एक वरिष्ठ नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री, कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को लिखित ज्ञापन सौंपकर त्वरित समाधान की मांग भी की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।स्थानीय लोग बताते हैं कि जिस “सपनों की कालोनी” का दावा कर भूखंड बेचे गए थे, आज वह सिर्फ एक “धोखे की बस्ती” बनकर रह गई है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और सरकार की नींद टूटेगी या फिर कालोनीवासी खुद एकजुट होकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगे?