तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार में लंबे समय से टल रहा मंत्री मंडल विस्तार आखिरकार 20 अगस्त को पूरा हुआ। नए चेहरों को शामिल किए जाने के साथ ही दलबदल कर भाजपा में आए और पहली बार विधायक बने नेताओं को मंत्री पद दिए जाने से पार्टी के वरिष्ठ और पुराने विधायकों में भारी असंतोष पनप रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वरिष्ठता की अनदेखी का खामियाज़ा आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को उठाना पड़ सकता है।इधर 21 अगस्त से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी प्रशासनिक टीम और भरोसेमंद अफसरों के साथ विदेश यात्रा पर हैं। उनका छत्तीसगढ़ लौटना संभवतः 30 या 31 अगस्त को बताया जा रहा है।मंत्री मंडल विस्तार के समय यह भी कयास लगाए जा रहे थे कि संसदीय सचिवों के साथ ही निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों, मुख्यमंत्री और तमाम सांसदों की मौजूदगी में सहमति बन चुकी थी।लेकिन अब तक इस पर निर्णय नहीं आया है। भाजपा खेमे में अब चर्चा है कि पितृ पक्ष आरंभ होने से पहले ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विदेश यात्रा से लौटते ही निगम-मंडल, आयोग-बोर्ड और सहकारी बैंकों के अध्यक्षों के साथ संसदीय सचिवों की नियुक्ति कर सकते हैं।