तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की राजनीतिक भूमिका पर नए संकेत मिलते नजर आ रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हाल ही में सिम्स बिलासपुर के सभागार में आयोजित ‘लोकहितकारी काशीनाथ स्मारिका’ के विमोचन समारोह में डॉ. रमन सिंह को मंच पर एकमात्र भाजपा प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रित किया।
राजनीतिज्ञों का मानना है कि यह केवल सम्मान का मामला नहीं, बल्कि संघ और भाजपा के भीतर उनकी बढ़ती मान्यता का संकेत है।
समारोह में अन्य मंत्री, सांसद या विधायक मंच पर नहीं थे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि डॉ. रमन सिंह का संघ और पार्टी दोनों में प्रभाव बढ़ रहा है।वही इस समारोह से डाॅ रमन सिंह को लेकर कहा जा रहा है कि वह संघ के करीबी सहयोगी के रूप में और मजबूत भूमिका निभा सकते हैं।
भाजपा के राजनीतिक रणनीति और निर्णयों में अधिक प्रभावशाली बन सकते हैं। वहीं डाॅ रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष के पद पर रहते हुए पार्टी के मध्यम और वरिष्ठ नेताओं के बीच संतुलन बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।इस मंचीय उपस्थिति को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि डॉ. रमन सिंह का राजनीतिक भविष्य संघ के सहयोग से नई दिशा और ऊँचाई प्राप्त कर सकता है।
राजनीतिज्ञों का कहना है कि आने वाले चुनावों और पार्टी रणनीतियों में उनकी स्थिति और महत्व बढ़ सकता है, जिससे वे छत्तीसगढ़ भाजपा में पुनः प्रमुख नेतृत्व के दावेदार के रूप में उभर सकते हैं।