विकास नंद/ सर्वव्यापी/
महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव एवं कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग की प्रदेश समन्वयक तिरीथ कुमारी ने साय सरकार को हर मोर्चे पर नाकाम बताते हुए कहा कि प्रदेश में सत्तारूढ़ सरकार पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय के कथित सुशासन के दावों के बीच हकीकत यह है कि आम जनता, किसान, मितानिन कार्यकर्ता, एनएचएम स्टाफ से लेकर शासकीय कर्मचारी तक सभी वर्ग परेशान हैं।
किसान अपनी खेती-बाड़ी करने के लिए खाद और यूरिया के लिए परेशान हैं धान खरीदी और बोनस को लेकर सरकार की चुप्पी किसानों के आक्रोश को बढ़ा रही है। वहीं, मितानिन और स्वास्थ्य विभाग के एनएचएम कर्मचारी लगातार अपनी मांगों के लिए आंदोलनरत हैं। इन्हें वर्षों से स्थायीकरण और वेतनमान की समस्या झेलनी पड़ रही है।इसी तरह विभिन्न विभागों के शासकीय कर्मचारी भी अपनी लंबित मांगों और पदोन्नति से वंचित रहने के कारण असंतोष जता रहे हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में धरना-प्रदर्शन और हड़ताल की स्थिति देखने को मिल रही है।
आगे तिरीथ कुमारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि साय सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। जनता को राहत देने के बजाय समस्याओं में उलझाया जा रहा है। विपक्षी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों और कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो बड़े आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।
जनता के बीच सवाल यह है कि जब किसान, स्वास्थ्यकर्मी और कर्मचारी ही परेशान हैं तो सुशासन आखिर किसके लिए है?


