रवि गोयल/ सक्ती/
,,सक्ती जिले मे 10 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 18 दिनों से आंदोलनरत एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के कर्मचारियों ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाते हुए सामूहिक इस्तीफा दे दिया। जिले के करीब 200 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) सक्ती को अपना त्यागपत्र सौंपा और चेतावनी दी कि जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि वे 18 अगस्त से लोकतांत्रिक तरीके से संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अंतर्गत आंदोलन कर रहे हैं। इससे पहले वे शासन-प्रशासन को तकरीबन 160 बार ज्ञापन भी सौंप चुके हैं, लेकिन किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई।कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान जहां प्रशासन की ओर से व्हाट्सएप पर चेतावनी और बर्खास्तगी के आदेश तेजी से भेजे गए, वहीं उनकी जायज़ मांगों के निराकरण में कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की थी, मगर उसी दिन शाम को ही बर्खास्तगी पत्र जारी कर संवाद की संभावनाओं को खत्म कर दिया गया।एनएचएम कर्मचारियों ने इस कार्रवाई को “दमनकारी” और “संवाद में बाधक” बताया है। उनका कहना है कि शासन-प्रशासन के इस रवैये से यह स्पष्ट होता है कि वे समाधान नहीं चाहते। इस निर्णय के विरोध में प्रदेशभर के 16 हजार एनएचएम संविदा कर्मचारी आक्रोशित हैं और सामूहिक त्यागपत्र देने को विवश हैं।


