तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
बिलासपुर तिफरा नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष एवं भाजपा के प्रदेश स्तरीय पदों पर अपनी सक्रिय भूमिका निभा चुके राजेश त्रिवेदी को संगठन और सत्ता में बड़े दायित्व की जिम्मेदारी मिलने की संभावना तेज हो गई है।भाजपा ने उन्हें नगर निगम में पार्षद प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा था। भले ही उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन संगठन में उनकी सक्रियता और जनसमर्थन बरकरार रहा। यही कारण है कि पूर्व लोकसभा सांसद और वर्तमान में प्रदेश सरकार में मंत्री अरुण साव ने उन्हें सांसद प्रतिनिधि बनाकर जिम्मेदारी सौंपी थी।राजेश त्रिवेदी लंबे समय से भाजपा की नीतियों और कार्यों को जनता तक पहुँचाने में सेतु की भूमिका निभाते रहे हैं। प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता धरम लाल कौशिक के बेहद करीबी माने जाने वाले त्रिवेदी के लिए अब निगम-मंडल-आयोग या बोर्ड में अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की संभावना प्रबल मानी जा रही है।संगठन के जानकार मानते हैं कि त्रिवेदी का राजनीतिक अनुभव, जमीनी पकड़ और नेतृत्व से नज़दीकी ही उन्हें यह जिम्मेदारी दिलाने का आधार बन सकता है। अगर उन्हें यह पद मिलता है, तो निश्चित ही क्षेत्र और संगठन दोनों को मजबूती मिलेगी।