बिलासपुर/ भागवत प्रसाद/ ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/प्रशासनिक व्यवस्था में आमतौर पर अधिकारियों को लेकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनने को मिलती हैं, लेकिन बिलासपुर जिले के बिल्हा तहसील में स्थिति इसके उलट है। यहां की नायाब तहसीलदार विनीता शर्मा अपनी पारदर्शी और संवेदनशील कार्यशैली के कारण ग्रामीणों की सराहना का केंद्र बनी हुई हैं।ग्रामीणों का कहना है कि विनीता शर्मा ने तहसील स्तर पर जमीन से जुड़े विवाद, नामांतरण, सीमांकन जैसी जटिल प्रक्रियाओं को न केवल तेजी से निपटाया, बल्कि आम जनता को बिना किसी परेशानी के समाधान भी उपलब्ध कराया। उनकी कार्यशैली में सख़्ती के साथ-साथ सहज संवाद का भी समावेश है, जिससे ग्रामीण अपने मसलों को खुलकर सामने रख पाते हैं।ग्रामीण बताते हैं कि अक्सर तहसील कार्यालय के चक्कर काटते-काटते लोग परेशान हो जाते थे, लेकिन विनीता शर्मा के कार्यभार संभालने के बाद से कई समस्याओं का निपटारा समय सीमा में होने लगा है। यही कारण है कि गांव-गांव में उनके न्यायप्रिय निर्णय और सरल व्यवहार की चर्चा हो रही है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी माना कि नायाब तहसीलदार का योगदान बिल्हा तहसील की छवि को बदलने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशासनिक कामकाज में न सिर्फ पारदर्शिता लाई है बल्कि “जनता से सीधा जुड़ाव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।”यही वजह है कि आज बिल्हा तहसील के लोग नायाब तहसीलदार विनीता शर्मा को एक “जिम्मेदार और जनहितैषी अधिकारी” के रूप में देखते हैं।