ननकीराम कंवर का धरना और अन्य वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी ने खड़ा किया सवाल , क्या सरकार चला पा रही है संतुलित नेतृत्व? - Sarvavyapi ननकीराम कंवर का धरना और अन्य वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी ने खड़ा किया सवाल , क्या सरकार चला पा रही है संतुलित नेतृत्व? - Sarvavyapi

ननकीराम कंवर का धरना और अन्य वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी ने खड़ा किया सवाल , क्या सरकार चला पा रही है संतुलित नेतृत्व?

Share Now

तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार को सत्ता में आए लगभग पौने दो साल हो चुके हैं, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा और अनदेखी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।कोरबा जिले के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने हाल ही में कलेक्टर के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया, जो वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी और असंतोष का खुला संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम यह दिखाता है कि अनुभवी नेताओं की राय और योगदान को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा।राजनीतिज्ञों के अनुसार, भाजपा जहां युवाओं को जिम्मेदारी देकर संगठन में नई ऊर्जा और सक्रियता लाने की कोशिश कर रही है, वहीं वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी से संगठन में तनाव बढ़ रहा है। कई वरिष्ठ नेता फिलहाल चुप हैं, लेकिन उनके भीतर असंतोष भविष्य में पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है।सियासी गलियारों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या वर्तमान नेतृत्व संगठन और शासन में संतुलन बनाए रख पा रहा है। ननकीराम कंवर जैसे वरिष्ठ नेता, जो लंबे समय से पार्टी और सरकार के लिए समर्पित रहे हैं, अपने अनुभव और जनसंपर्क से भाजपा की साख को मजबूत कर सकते थे।राजनीतिज्ञों का मानना है कि यदि पार्टी नेतृत्व समय रहते संतुलन और अनुभव का सही इस्तेमाल नहीं करता, तो इसका असर केवल संगठनात्मक मजबूती पर ही नहीं, बल्कि सरकार की विश्वसनीयता और जनता के भरोसे पर भी पड़ेगा।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!