रायपुर/अनुराग त्रिवेदी/
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग में अध्यक्ष पद की नियुक्ति अब तक लटकती रही है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस पर चर्चा और तेज हो गई है। दुर्ग सांसद विजय बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने अपने पसंदीदा साहित्यकार को अध्यक्ष बनाए जाने की जोरदार मांग रखी है। वहीं पूर्व उच्च शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ कृष्ण मूर्ति बांधी भी छत्तीसगढ़ी भाषा के लगातार काम करने वाले अपने युवा पत्रकार-साहित्यकार को इस महत्वपूर्ण पद पर बैठाने की पुकार लगा रहे हैं।बीते एक वर्ष से मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और सचिव पी. दयानंद के आदेश पर यह फ़ाइल संस्कृति विभाग में धूल खा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विष्णु देव साय इस बार भी परंपरा निभाते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के इशारे पर ही निर्णय करेंगे। उम्रदराज साहित्यकारों को प्राथमिकता मिलने की संभावना बनी हुई है।सूत्रों के अनुसार इस पद के लिए सबसे आगे दुर्ग संभाग के वरिष्ठ साहित्यकार—दुर्गा प्रसाद पारकर, रामेश्वर शर्मा, पी.सी. लाल यादव, रामानंद त्रिपाठी, बिहारी लाल—और रायपुर व बिलासपुर से युवा और वरिष्ठ चेहरे—रितुराज साहू, पूर्व अध्यक्ष विनय पाठक, सेवानिवृत्त जज चंद्रभूषण बाजपेयी—दावेदारी कर रहे हैं।डॉ कृष्ण मूर्ति बांधी के युवा पत्रकार-साहित्यकार को लेकर कहना है कि यह 41 वर्षीय युवा 18 साल की उम्र से पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक कार्यों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा को बढ़ावा दे रहे हैं। यदि इस बार उनकी नियुक्ति होती है तो यह छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग में पहली बार पत्रकार जगत से युवा अध्यक्ष की नियुक्ति होगी और इसे सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाएगा।हालांकि नवरात्रि तक इस नियुक्ति की संभावना थी, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आयोग अध्यक्ष के लिए यह मुकाबला उम्रदराज बनाम युवा की तिकड़मों और इशारों की जंग में बदल गया है।


