विकास नंद/ सर्वव्यापी/
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं, लंबित प्रकरणों एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, सभी जिला अधिकारी तथा वीसी के माध्यम से जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अगस्त माह का जीएसटी रिटर्न आज ही जमा किया जाए। जिन विभागों ने अब तक जीएसटी जमा नहीं किया है, वे तत्काल जमा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक माह की 10 तारीख तक जीएसटी रिटर्न जमा होना चाहिए। मुख्यमंत्री की घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गढ़फुलझर एवं खल्लारी क्षेत्र में किए गए कार्यों में तेजी लाने को कहा।उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली की प्रभावशीलता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक सप्ताह मूव की गई फाइलों की स्थिति अपडेट की जाए तथा सभी पत्राचार ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाए।
कलेक्टर ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 2 से 14 अक्टूबर तक ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन ग्राम सभाओं में एग्रीस्टेक पंजीयन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और मैन्युअल गिरदावरी की सूची अनिवार्य रूप से चस्पा कर पठन कराया जाएगा।
यदि किसी प्रकार की दावा-आपत्ति प्राप्त होती है तो उसका सत्यापन पीवीआर ऐप से कर आवश्यक संशोधन किया जाएगा। इसके लिए जनपद पंचायत सीईओ को निर्देश दिए गए हैं।
आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक ग्राम का विलेज एक्शन प्लान अपलोड किया जाए और 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाओं में इनका अनुमोदन कराया जाए।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत शेष आवासों को पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों को प्रतिदिन प्रगतिरत रखने के निर्देश भी दिए गए।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित पोषण माह के अंतर्गत की जा रही गतिविधियों को पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। अन्य विभागों को भी पर्याप्त संख्या में एंट्री सुनिश्चित करने कहा गया।कलेक्टर ने खाद्य एवं औषधि विभाग को सभी मिठाई दुकानों की नियमित जांच कर मिठाई एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में समय-सीमा के पत्रों की समीक्षा, जनशिकायत निवारण, लोक सेवा गारंटी अधिनियम और न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि कोई भी जिला अधिकारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेगा और न ही बैठक में प्रतिनिधि भेजेगा।सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा में कलेक्टर ने ओवरलोडेड वाहनों, प्रेशर हॉर्न, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सीट बेल्ट व हेलमेट लगाकर वाहन चलाने की हिदायत दी। साथ ही 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा वाहन चलाने और ट्रिपल सवारी के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई करने को कहा।


