तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी /
छत्तीसगढ़ प्रशासनिक हलकों में बड़ा फेरबदल होते ही मंत्रालय के भीतर नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। मुख्य सचिव पद पर विकास शील की नियुक्ति के साथ ही दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले और सुब्रत साहू को मंत्रालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। अब मंत्रालय में मात्र दो ही अपर मुख्य सचिव बचे हैं, मनोज कुमार पिंगुआ और ऋचा शर्मा।सूत्रों की मानें तो मंत्रालय का पावर बैलेंस अब पूरी तरह पिंगुआ और ऋचा के इर्द–गिर्द घूम रहा है, लेकिन सरकार के सामने वरिष्ठता और कार्यभार का संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि सरकार निकट भविष्य में कुछ और वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को समय से पहले अपर मुख्य सचिव का पद देकर नई टीम को मजबूती दे सकती है।संभावित नामों में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सबसे आगे बताए जा रहे हैं। वहीं प्रशासनिक अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए सोनमणि बोरा तथा निधि छिब्बर का नाम भी चर्चा में है। अगर ऐसा होता है तो छत्तीसगढ़ की नौकरशाही में एक बार फिर शक्ति समीकरण बदलेंगे और मंत्रालय में नई धुरी आकार लेगी।प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि विकास शील के नेतृत्व में मंत्रालय की टीम को राजनीतिक नेतृत्व के साथ तालमेल में दक्ष अफसरों की ज़रूरत होगी। ऐसे में जिन अफसरों पर मुख्यमंत्री का भरोसा है, उन्हें शीघ्र ही और ज़िम्मेदारी मिल सकती है।अभी मंत्रालय में “दो धुरी” मनोज कुमार पिंगुआ और ऋचा शर्मा की कार्यशैली पर सबकी निगाहें टिकी हैं, लेकिन यह समीकरण कब तक बरकरार रहेगा, यह आने वाले आदेश तय करेंगे।


